फरवरी के आरंभ होते ही बजट की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। अधिकारी अभी से गुणा-भाग करने में जुट गए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस बार केंद्र सरकार से प्लान बजट हेड में दोगुणा बजट मांगा है। जबकि नॉन प्लान बजट हेड में भी करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे हैं।
वित्त वर्ष 2015-16 के लिए प्लान बजट के तहत 860 करोड़ रुपये मांगे गए थे, हालांकि बाद में करीब 225 करोड़ कटने के बाद यह रकम 634 करोड़ रह गई। बात वित्त वर्ष 2016-17 की करें तो इसके लिए प्रशासन ने वित्त मंत्रालय को 20 सौ 95 करोड़ रुपये का बजट एस्टीमेट मंजूरी करने के लिए भेजा है।
वहीं बात नॉन प्लान बजट की करें तो 2016-17 के लिए 3394.81 करोड़ रुपये की मांग भेजी गई है। जबकि 2015-16 में 2971.47 करोड़ रुपये मांगे गए थे। प्रशासन ने प्लान बजट के तहत करीब 1235 करोड़ रुपये अधिक मांगे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक 500 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए मांगे गए हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय की कैंची एस्टीमेट बजट पर जरूर चलती है। इस बार भी एस्टीमेट में मांगी गई पूरी रकम मिलने के कम ही आसार हैं।