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बजट 2021: कोरोना की चुनौतियों से निपटने को 532.21 करोड़ ज्यादा की मांग

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चंडीगढ़। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट एक फरवरी 2021 को पेश होगा। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। यूटी प्रशासन भी बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठा है, इसलिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 5670.31 करोड़ की मांग की है।
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वित्त वर्ष 2020-21 के लिए चंडीगढ़ की तरफ से 5300 करोड़ बजट में मांगे गए थे, लेकिन केंद्र ने 5138.10 करोड़ ही चंडीगढ़ की झोली में डाला था। इस साल कोरोना वायरस की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने पिछले साल से 532.21 करोड़ ज्यादा मांगे हैं, ताकि कोरोना की चुनौतियों से निपटा जा सके। कोरोना की वजह से प्रशासन के कई परियोजनाएं भी धीमी रफ्तार से चल रही हैं। वहीं, अक्तूबर 2020 में संशोधित बजट में प्रशासन ने 36.11 करोड़ की मांग की थी। इसके साथ प्रशासन का मौजूदा वित्तीय वर्ष का कुल बजट 5174.21 करोड़ हो गया है। संशोधित बजट में 36.11 करोड़ ही मांगने के पीछे बड़ी वजह रही कि प्रशासन ने 31 अक्तूबर तक कुल बजट का 2466.27 करोड़ खर्च किया था। इसमें रेवेन्यू हेड के तहत मिले 4643.96 करोड़ में से 2340.62 करोड़, जबकि कैपिटल हेड के तहत मिले 494.14 करोड़ में से 125.65 करोड़ खर्च किए गए थे। यह कुल बजट का 48 फीसदी है।
अप्रैल से हर तिमाही के खर्चे में 20 प्रतिशत की कटौती
कोरोना के प्रभाव को देखते हुए अप्रैल महीने में प्रशासन ने खर्चों में 8 प्रतिशत, मई में 6, जून में 6, जुलाई में 8, अगस्त में 6, सितंबर में 6, अक्तूबर में 8, नवंबर में 6 और दिसंबर में 6 प्रतिशत की कटौती की। इसके अलावा नए वाहनों की खरीद व एलटीए पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जो अभी तक जारी है। इसके अलावा सभी ठेका कर्मचारियों का डीसी रेट्स फ्रीज किया गया, भर्तियों को टाला गया व इंजीनियरिंग विभाग को मौजूदा प्रोजेक्ट पर ही ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए थे। कोरोना महामारी के चलते पेश होने जा रहे बजट पर हर वर्ग निगाह लगा कर बैठा है। लोगों को बजट से उम्मीद है कि वित्तमंत्री आम जनता की परेशानी को ध्यान में रखकर उसे पारित करेंगी।
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