हालांकि यह अंतरिम बजट है। यदि चंडीगढ़ प्रशासन मजबूती से अपनी बात गृहमंत्रालय के सामने उठाता है तो रिवाइज्ड बजट में कुछ पूंजी बढ़ाने का भी प्रावधान है। पिछले साल 2018-19 में चंडीगढ़ प्रशासन की से केंद्र को भेजे गए 5908.22 करोड़ के प्रस्ताव की जगह 4511.91 करोड़ रुपये ही स्वीकृत किए गए थे। तब करीब 1396.31 करोड़ रुपये कम बजट मिला था।
रिवाइज्ड बजट में मिलती है राहत
प्रशासन को सितंबर में रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजना होता है और उसमें और बजट की मांग की जा सकती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में चंडीगढ़ का रिवाइज्ड बजट 4536.57 करोड़ रुपये हो गया था, जो पहले 4511.91 करोड़ रुपये था। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन के सामने भी रास्ते अभी खुले हैं, लेकिन रिवाइज्ड बजट में ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती।
पिछले साल के मुकाबले ओवरऑल कैपिटल बजट में 20 प्रतिशत की कटौती
कैपिटल बजट की राशि का इस्तेमाल शहर के प्रोजेक्टों में किया जाता है। लेकिन कैपिटल बजट में भी झटका मिला है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कैपिटल बजट के तहत 575.50 करोड़ रुपये मांगा था, जबकि मिला 401.63 करोड़ रुपये। करीब 173.87 करोड़ रुपये कम। साल 2018-19 में चंडीगढ़ को कैपिटल बजट के तहत 505.03 करोड़ रुपये मिले थे।
यानी पिछली बार के मुकाबले कम बजट मिला। इसका सीधा असर उन प्रोजेक्ट पर पड़ेगा, जो निर्माणाधीन है या जिनकी प्लानिंग होनी है। प्रशासन के सामने अब फिर से पिछले साल जैसी ही परेशानी आ गई है। चंडीगढ़ प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद से कम बजट मिलने पर प्रशासन और नगर निगम के कुछ प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं।
साल 2017-18 2018-19 2019-20
रेवेन्यू 3838.66 4006.88 4351.49
कैपिटल 792.58 505.03 401.63
कुल बजट 4628.24 4511.91 4753.12
नोट : सभी राशि करोड़ों में
किस साल कितना रहा है कैपिटल बजट
डिपार्टमेंट साल 2017-18 2018-19 2019-20
शिक्षा 79.43 99.89 68.56
स्वास्थ्य 57.91 76.13 75.31
ट्रांसपोर्ट 23.37 41.05 23.71
सरकारी हाउस 23.21 32.30 23.70
शहरी विकास 544.48 155.14 1147.04
नोट : सभी राशि करोड़ों में
यूपीए सरकार में हर बजट में दस फीसदी की बढ़ोतरी होती रही है, जबकि भाजपा के सरकार में सिर्फ साढ़े पांच फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कैपिटल बजट में जबरदस्त कटौती की गई है। इससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। बजट से शहरवासी निराश हैं। -पवन बंसल, पूर्व सांसद
यह बजट ऐतिहासिक है। मध्य वर्ग को टैक्स से बड़ी राहत दी गई है। चंडीगढ़ को पिछले साल के मुकाबले साढ़े पांच फीसदी ज्यादा बजट मिला है। -किरण खेर, सांसद