फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट में मोदी सरकार ने हरियाणा को दी दिल खोलकर सौगातें, 439 किमी की 8 नई रेल लाइनें मंजूर

Fri, 01 Feb 2019 11:23 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

केंद्र सरकार ने रेलवे बजट में वर्ष 2019-20 के लिए 64587 करोड़ की पूंजीगत सहायता का प्रस्ताव किया है। इस बजट के अंतर्गत हरियाणा में भी कई परियोजनाएं ऐसी हैं, जिन्हें इस बजट से गति मिलेगी। खासकर हरियाणा में कुछ रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। प्रदेश सरकार भी इन परियोजनाओं को जल्द सिरे चढ़ाने को लेकर गंभीर है। लेकिन इस बजट के बाद इन परियोजनाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। 

विज्ञापन


हरियाणा में कई रेलवे लाइन परियोजनाएं है, जिन पर काम चल रहा है। पहले ये नई रेल लाइन परियोजनाएं विभिन्न पचड़ों की वजह से अभी तक लटकी हुई है। लेकिन इसके लिए सरकार ने हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन का भी गठन किया था। जिसके बाद इन परियोजनाओं में केंद्र से मिलकर थोड़ी तेजी लाई गई थी।  इन नई रेलवे लाइनों की कुल लंबाई 439 किलोमीटर है। 

 इन रेल परियोजनाओं में यमुनानगर वाया नारायणगढ़-सढौरा-चंडीगढ़ नई रेल लाइन, दिल्ली-सोहना- नूंह-फिरोजपुर झिरका-अलवर नई रेल लाइन,  फरूखनगर-झज्जर- चरखी-दादरी नई रेल लाइन,  जींद-हिसार नई रेल लाइन, भिवानी-लोहारू नई रेल लाइन, करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन,  मानेसर से पाटली रेलवे स्लाइडिंग परियोजना शामिल है।
विज्ञापन


इसके अलावा अंतरिम बजट में हरियाणा और पंजाब के सभी मानवरहित फाटकों को खत्म करने का भी दावा किया गया है। जबकि साथ ही अंबाला कैंट और जगाधरी में बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भी अतिरिक्त बजट अलॉट किया गया है।

साथ ही अंबाला मंडल के अधीन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ में 2 हजार स्टाफ र्क्वाटर की मरम्मत के लिए भी बजट अलॉट किया गया है। जबकि टाइप वन और टू  के 172 क्वार्टरों की नए सिरे से कायाकल्प होगी। इसके अलावा हरियाणा और पंजाब में ट्रैक रिन्युअल और पुल निर्माण के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है।

विज्ञापन

जुमलेबाजी और खोखला चुनावी बजट : तंवर

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने अंतरिम बजट पर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि अंतरिम बजट के बहाने मोदी सरकार ने जो जुमलेबाजी और खोखली बयानबाजी का दोहरा खेल किया है, उसे देश की जनता अच्छी तरह समझती है। इस बार पीएम मोदी के झांसे में देश आने वाला नहीं है। इस बजट के खेल को समझने के लिए कुछ बिंदुओं में बजट समीक्षा करनी होगी। 

भारत में जब भी अंतरिम बजट पेश हुआ है, वह मात्र चुनाव तक देश का खर्च चलाने की एक व्यवस्था के तहत हुआ है। चुनाव में दो से तीन महीने का समय बचा हुआ है और मोदी सरकार ने अंतरिम बजट को पूरी तरह चुनावी बजट में रंग दिया है। चाहे आयुष्मान योजना हो या रक्षा पर खर्च, इसे बिना सोचे समझे कई गुणा बढ़ा दिया गया है।

 ये साफ तौर पर जुमलेबाजी के अलावा और कुछ नहीं है। किसानों को 500 रुपये महीना देकर सरकार ने देश के किसानों का मजाक ही नहीं उड़ाया, बल्कि अपनी मंशा भी जाहिर कर दी है कि इससे अधिक किसानों को उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें