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Budget 2018: जेटली जी! पंजाब के इन व्यापारियों की बात भी सुनिए...

Thu, 01 Feb 2018 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केंद्रीय वित्त मंत्री - फोटो : File Photo
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पंजाब के उद्यमियों को उम्मीद है कि केंद्रीय बजट में यहां से निर्यात को बढ़ावा देने केलिए केंद्र सरकार कुछ न कुछ करेगी। साथ ही एमएसएमई के लिए बजट में कुछ आकर्षक होगा। पीएचडी चेंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के को चेयरमैन रूपिंदर सचदेवा ने कहा कि देश का 70 प्रतिशत निर्यात सिर्फ छह राज्य कर रहे हैं। जोकि समुंदर के पास स्थित हैं।
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इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक आदि शामिल हैं। पंजाब सी-पोर्ट से बहुत दूर है, इसलिए निर्यात मुश्किल है। ऐसे में जब तक दो फ्रेट कॉरिडोर बन नहीं जाते तब तक केंद्र सरकार को ट्रांसपोर्ट में सहायता करनी चाहिए। इस बजट में कॉरपोरेट टैक्स और मिनिमम आल्टरनेटिव टैक्स घटाए जाने की भी उम्मीद है।

केंद्र को इंश्योरेंस या बच्चों की शिक्षा में वार्षिक निवेश की सीमा बढ़ानी चाहिए। पीएसयू को डिस-इन्वेस्ट करके राज्यों को शिक्षा और सेहत में सहायता करनी चाहिए। सचदेवा ने कहा कि रेलवे, नेशनल हाईवे अथॉरिटी केंद्र से जो फंड मांग रहे हैं, उनका इंतजाम पीपीपी मोड में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए केंद्र सरकार ने कई स्कीमें निकाली है। लेकिन पंजाब की इंडस्ट्री को सिडबी सपोर्ट नहीं कर रही है। उद्यमियों की यही मांग है कि बैंक से फाइनेंस मिले और ब्याज दर ठीक हो।
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यार्न पर एकाधिकार खत्म करे सरकार

बजट सत्र - फोटो : File Photo
यार्न पर एकाधिकार खत्म करे सरकार
टेक्सटाइल एसोसिएशन और व्यापार मंडल के प्रधान पीएल गर्ग ने कहा कि दोनों तरह के यार्न पर मुकेश अंबानी और बिरला ग्रुप का एकाधिकार है। इसके चलते रेट ज्यादा रहते हैं। सरकार यह एकाधिकार खत्म करके रेट गिराए। ताकि टेक्सटाइल सेक्टर को राहत मिल सके। बांग्लादेश से आने वाले माल पर ड्यूटी लगाई जाए।

कारोबारी सारी उम्र सरकार को कई तरह के टैक्स देते हैं, उनकेलिए साठ साल की आयु में पेंशन का प्रावधान किया जाए। 45 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग असंगठित क्षेत्र में होती है। इसमें भाजपा का अपना कहे जाने वाला मध्य वर्ग जुड़ा है। इसकेलिए भी बजट में कुछ किया जाना चाहिए। सस्ते कर्ज दिए जाएं, मार्केटिंग में सहयोग मिले।
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