पंजाब के उद्यमियों को उम्मीद है कि केंद्रीय बजट में यहां से निर्यात को बढ़ावा देने केलिए केंद्र सरकार कुछ न कुछ करेगी। साथ ही एमएसएमई के लिए बजट में कुछ आकर्षक होगा। पीएचडी चेंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के को चेयरमैन रूपिंदर सचदेवा ने कहा कि देश का 70 प्रतिशत निर्यात सिर्फ छह राज्य कर रहे हैं। जोकि समुंदर के पास स्थित हैं।
इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक आदि शामिल हैं। पंजाब सी-पोर्ट से बहुत दूर है, इसलिए निर्यात मुश्किल है। ऐसे में जब तक दो फ्रेट कॉरिडोर बन नहीं जाते तब तक केंद्र सरकार को ट्रांसपोर्ट में सहायता करनी चाहिए। इस बजट में कॉरपोरेट टैक्स और मिनिमम आल्टरनेटिव टैक्स घटाए जाने की भी उम्मीद है।
केंद्र को इंश्योरेंस या बच्चों की शिक्षा में वार्षिक निवेश की सीमा बढ़ानी चाहिए। पीएसयू को डिस-इन्वेस्ट करके राज्यों को शिक्षा और सेहत में सहायता करनी चाहिए। सचदेवा ने कहा कि रेलवे, नेशनल हाईवे अथॉरिटी केंद्र से जो फंड मांग रहे हैं, उनका इंतजाम पीपीपी मोड में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए केंद्र सरकार ने कई स्कीमें निकाली है। लेकिन पंजाब की इंडस्ट्री को सिडबी सपोर्ट नहीं कर रही है। उद्यमियों की यही मांग है कि बैंक से फाइनेंस मिले और ब्याज दर ठीक हो।