मुख्यमंत्री की घोषणा से साफ है कि इस बार मंडियों में खरीद देरी से होगी। ऐसे में राज्य सरकार को किसानों के लिए बोनस का ऐलान करना चाहिए। साथ ही राज्य सरकार केंद्र से भी अलग से बोनस की मांग करें। सरकारी कर्मचारियों के साथ मंडियों में प्रबंधन के लिए वॉलंटियर्स की मदद ली जा सकती है। लॉकडाउन के बीच सरकार सुनिश्चित करे कि हर किसान को पूरी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले। प्रति हेक्टेयर खरीद की सीमा हटाकर किसान की पूरी फसल खरीदी जाए।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते हम इस मुश्किल वक्त मे कोरोना से लड़ाई में सरकार के साथ हैं। हुड्डा ने कॉर्पोरेट जगत से भी अपील की है कि वो अपनी सामाजिक भागीदारी की ज़िम्मेदारी निभाते हुए आगे आएं। सरकार की वित्तीय मदद के साथ कॉर्पोरेट जगत को भरोसा दिलाना चाहिए कि आर्थिक संकट में वे अपने कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगे।
संकट की घड़ी में किसानों के ऋण माफ करे सरकार: कुमारी शैलजा
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मांग की है कि संकट की इस घड़ी में तुरंत प्रभाव से किसानों का का कर्ज माफ कर दिया जाए और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा भी बढ़ा दी जाए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री हरियाणा को एक और पत्र लिखा है। पत्र में कुमारी शैलजा ने कहा है कि सरकार इस बारे में स्पष्ट निर्देश जारी करे कि किसान लॉकडाउन के दौरान क्या कर सकते हैं या क्या नहीं कर सकते हैं।
पुलिस को तब तक खेती की गतिविधियों पर रोक नहीं लगानी चाहिए, जब तक किसान जारी दिशानिर्देशों तहत काम कर रहे हैं। सरकार को किसानों की मदद करने के लिए तुरंत 24 घंटे का वॉर रूम और टोल फ्री नंबर स्थापित करना चाहिए, जिससे किसानों को उनके अधिकारों, नवीनतम नियमों, अनाज के परिवहन और फसल खरीद की सही जानकारी के बारे में मदद और जानकारी मिल सके। प्रति हेक्टेयर कोई खरीद सीमा न हो। सभी उपज खरीदी जानी चाहिए। राज्य और केंद्रीय बैंकों से किसानों का ऋण तुरंत माफ किया जाए। किसानों के क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा बढ़ाएं, ताकि नकदी प्रवाह की समस्याएं न आए।