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हुड्डा बोले- फसल खरीद में देरी के चलते सरकारें करें बोनस का एलान, सैलजा ने उठाई कर्जमाफी की मांग

Fri, 27 Mar 2020 09:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बीएस हुड्डा, कुमारी सैलजा। - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कोरोना से लड़ाई के बीच सरकार का ध्यान किसानों की तरफ खींचा है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से लड़ने के लिए सरकार की तरफ से मजबूरी में लिया गया बंद का फैसला जरूरी है। लोगों को सरकार के दिशानिर्देशों की पालना करते हुए अपने घरों में रहना चाहिए। हुड्डा ने सरकार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। 

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साथ ही सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गेहूं और सरसों की फसल कटाई के लिए खेत में तैयार खड़ी है। किसानों को इस बात की चिंता है कि लॉकडाउन के बीच कटाई कैसे होगी और कैसे वो फसल को मंडी में लेकर जाएंगे। इसलिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी तरफ से सरकार से अपील की है कि पिछले दिनों बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा फौरन किसानों के खाते में पहुंचाना चाहिए। ताकि किसान फसल कटाई, ढुलाई, भंडारण और आजीविका के लिए संसाधन जुटा सके।

खेतों में फसल तैयार खड़ी है। किसान 21 दिन के लॉकडाउन के खत्म होने का इंतजार नहीं कर सकता। क्योंकि तब तक तो सारी फसल खेतों में ही झड़ जाएगी। इसलिए फसलों की कटाई के लिए फौरन गाइडलाइंस जारी की जाएं। सरकार को स्पष्ट तौर पर बताना चाहिए कि कटाई के लिए लॉकडाउन में किसानों को क्या रियायतें दी जा रही हैं और क्या बंदिशें लगाई गई हैं?  ज्यादात्तर प्रवासी मजदूर अपने राज्यों में वापस चले गए हैं। इसलिए कटाई का काम मशीनों से ही होना है। सरकार को अपनी तरफ से किसानों के लिए कम्बाइन्स, हार्वेस्टिंग मशीन और दूसरे संसाधनों की व्यवस्था करनी चाहिए। ज़रूरी हिदायतों के साथ हार्वेस्टिंग मशीनरी की आवाजाही पर पाबंदी हटानी चाहिए। 

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किसानों के लिए बोनस का ऐलान करना चाहिए

मुख्यमंत्री की घोषणा से साफ है कि इस बार मंडियों में खरीद देरी से होगी। ऐसे में राज्य सरकार को किसानों के लिए बोनस का ऐलान करना चाहिए। साथ ही राज्य सरकार केंद्र से भी अलग से बोनस की मांग करें। सरकारी कर्मचारियों के साथ मंडियों में प्रबंधन के लिए वॉलंटियर्स की मदद ली जा सकती है। लॉकडाउन के बीच सरकार सुनिश्चित करे कि हर किसान को पूरी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले। प्रति हेक्टेयर खरीद की सीमा हटाकर किसान की पूरी फसल खरीदी जाए।

भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते हम इस मुश्किल वक्त मे कोरोना से लड़ाई में सरकार के साथ हैं। हुड्डा ने कॉर्पोरेट जगत से भी अपील की है कि वो अपनी सामाजिक भागीदारी की ज़िम्मेदारी निभाते हुए आगे आएं। सरकार की वित्तीय मदद के साथ कॉर्पोरेट जगत को भरोसा दिलाना चाहिए कि आर्थिक संकट में वे अपने कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगे।

संकट की घड़ी में किसानों के ऋण माफ करे सरकार: कुमारी शैलजा
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मांग की है कि संकट की इस घड़ी में तुरंत प्रभाव से किसानों का का कर्ज माफ कर दिया जाए और किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा भी बढ़ा दी जाए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री हरियाणा को एक और पत्र लिखा है। पत्र में कुमारी शैलजा ने कहा है कि सरकार इस बारे में स्पष्ट निर्देश जारी करे कि किसान लॉकडाउन के दौरान क्या कर सकते हैं या क्या नहीं कर सकते हैं।

पुलिस को तब तक खेती की गतिविधियों पर रोक नहीं लगानी चाहिए, जब तक किसान जारी दिशानिर्देशों तहत काम कर रहे हैं। सरकार को किसानों की मदद करने के लिए तुरंत 24 घंटे का वॉर रूम और टोल फ्री नंबर स्थापित करना चाहिए, जिससे किसानों को उनके अधिकारों, नवीनतम नियमों, अनाज के परिवहन और फसल खरीद की सही जानकारी के बारे में मदद और जानकारी मिल सके। प्रति हेक्टेयर कोई खरीद सीमा न हो। सभी उपज खरीदी जानी चाहिए। राज्य और केंद्रीय बैंकों से किसानों का ऋण तुरंत माफ किया जाए। किसानों के क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा बढ़ाएं, ताकि नकदी प्रवाह की समस्याएं न आए।
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