प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक लोहियां खास के टूटे बांधों में ही 300 से अधिक ट्रक इस्तेमाल होंगे। इसके अलावा बाकी जगहों पर 400 के करीब ट्रकों की जरूरत पड़ेगी। कुल 17000 क्यूबिक मीटर पत्थर की जरूरत है। 50 ट्रक भेजने के बाद ट्रकों को भरने का काम जारी है। इस काम में डीसी रामवीर सहित उनकी पूरी प्रशासनिक टीम जुटी है।
बोल्डर सप्लायर अमित महाजन और नवल ने बताया कि प्रशासन की मदद की जा रही है, अपने सारे कामकाज छोड़कर वह केवल बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने वाले पत्थरों को ही ट्रकों में लोड करवा रहे हैं। बहुत जल्द बाकी के ट्रक भरवा कर लोहिया खास और शाहकोट को रवाना कर देंगे।
खनिज का भंडार है पठानकोट
पठानकोट से गुजरते रावी, चक्की और उज्ज दरिया खनिज का भंडार है। पूरे पंजाब में सबसे अधिक क्रशर इंडस्ट्री यहां स्थापित है। 300 से अधिक क्रशर यहां संचालित हैं, जिसके चलते सीएम ने बोल्डर उपलब्ध करवाने की जिम्मेवारी पठानकोट को सौंपी थी।
डीसी रामबीर ने बताया कि आदेश के बाद पठानकोट प्रशासन सतर्क है। कुल 600 से 700 ट्रक भिजवाए जाने हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की राहत के लिए पंजाब सरकार के सभी अधिकारी एक टीम की तरह काम कर रहे हैं। 72 घंटे में काम पूरा कर लिया जाएगा।