शिवालिक क्वीन के बाद अब शिवालिक किंग को भी पटरी पर लाने की तैयारी है। रेलवे के इंजीनियर इसे दुरुस्त करने में जुटे हैं।
यात्री इसमें शाही ठाठ के साथ यात्रा कर सकेंगे। हेरिटेज शिवालिक किंग को पैलेस ऑन व्हील भी कहा जाता है। यह अपने आप में एक महल की तरह है। 1903 में इसे अंग्रेजों ने खास अपने लिए तैयार कराया था। वादियों के बीच कूकता हुआ किंग रॉयल यात्रियों को कालका से पहाड़ों की रानी शिमला पहुंचाता था।
आजादी के बाद भी यह लोगों को अपनी सेवाएं देता रहा है। लेकिन अगस्त 2014 से यह खराब है। तभी से रेलवे के इंजीनियर इसे पटरी पर उतारने की कोशिश में जुटे हैं। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) इसे बुकिंग के बाद चलाता रहा है।
शिवालिक किंग की खासियत
शिवालिक किंग में अधिकतम 10 यात्रियों के लिए जगह होती है। जिसमें 10 सोफे और 4 दीवान लगे होते हैं। 10 वेजिटेरियन मील का स्वाद भी यात्रियों को इसमें चखने को मिलता है। 10 हजार रुपये यह पूरा कोच बुक किया जा सकेगा। खाने-पीने का यात्रियों से अलग चार्ज लिया जाएगा।
इसमें शराब भी सर्व की जाती है और स्मोकिंग की इजाजत भी है। अंग्रेजों के लिए भी इसमें शराब पीने के लिए अलग जगह तय होती थी। इसी अंदाज में फिर से इसे पटरी पर उतारने की तैयारी जोरों पर है।