अप्रैल 2013 में शिक्षा विभाग द्वारा नौकरी से निकाले गए 98 गेस्ट टीचर्स को फिर से नौकरी पर रखने का फैसला लिया गया है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग से मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार को अधिकतर गेस्ट टीचर्स स्कूलों में ज्वाइनिंग कर लेंगे। विभाग के इस फैसले से गेस्ट टीचर्स के बीच खुशी का माहौल है।
यूटी कैडर एजूकेशनल इंप्लाइज यूनियन प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज और भाग सिंह कैरो ने डीपीआई (स्कूल) द्वारा गेस्ट टीचर्स को फिर से नौकरी पर रखे जाने का स्वागत किया है।
जमकर किया था विरोध प्रदर्शन :
अप्रैल 2010 में शिक्षा विभाग ने 186 टीजीटी शिक्षकों को प्रमोट कर पीजीटी (लेक्चरर) पद पर प्रमोट कर दिया था। वहीं प्रमोशन के पदों पर गेस्ट टीचर्स के होने के कारण करीब 112 गेस्ट और कांट्रैक्ट टीचर्स को नौकरी से निकाल दिया गया था।
इसका यूटी कैडर एजूकेशनल इंपलाइज यूनियन और अन्य शिक्षक यूनियन ने शिक्षा विभाग के खिलाफ 10 दिन विरोध प्रदर्शन किया था। इस कारण कई शिक्षक नेताओं के खिलाफ चार्जशीट भी जारी कर दी गई थी।
लेक्चरर नहीं पीजीटी पर होगी ज्वाइनिंग :
शिक्षा विभाग ने नौकरी से निकाले गए शिक्षकों को नई शर्त पर वापिस बुलाया है। विभाग ने लेक्चरर पद की जगह शिक्षकों को टीजीटी यानी एक पद कम पर रखने की शर्त रखी है।
अधिकारियों का कहना है कि विभाग में पीजीटी के पद खाली नहीं है। ऐसे में टीजीटी पदों पर ही उन्हें एडजेस्ट किया जा सकता है। लेकिन इस फैसले से गेस्ट शिक्षकों को करीब चार हजार रुपये कम वेतन से संतोष करना पड़ेगा। गेस्ट लेक्चरर को 20 हजार जबकि टीजीटी को 16 हजार रुपये मासिक ही मिलेंगे।