सीएच-01-एडब्लू सीरीज के वीआईपी नंबर 0001 आज बोली में 7 लाख में बिक गया। इसे पीजीसी लांडरा में एमबीए सेकंड इयर के स्टूडेंट गुरसेवक सिंह ने खरीदा।
इसके अलावा 0002 नंबर और 0003 नंबर खुली नीलामी में दो-दो लाख में बिके।
यूटी प्रशासन के रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की ओर से सीएच-01-एडब्लू सीरीज के वीआईपी नंबरों की खुली नीलामी आज सुबह 10 बजे सेक्टर-17 स्थित आरएलए कार्यालय में शुरू हुई थी। इस मौके पर भारी संख्या में लोग वीआईपी नंबरों की खुली नीलामी में शामिल हुए थे।
24 लाख की गाड़ी, 7 लाख का नंबर
सीएच-01-एडब्लू सीरीज के वीआईपी नंबर 0001 जीतने वाले गुरसेवक सिंह ने ये नंबर अपनी 24 लाख की फारच्यूनर गाड़ी के लिए खरीदा।
गुरसेवक सिंह ने बताया कि वे घर से सोचकर निकले थे कि 0001 नंबर के लिए वे 10 लाख तक की बोली भी दे देंगे, लेकिन 7 लाख में ही उन्हें ये नंबर मिल गया।
बाकी सीरीज से पहले 100 वीआईपी नंबरों की नीलामी चल रही है। नीलामी के कारण आज आरएलए कार्यालय बंद है।
गौरतलब है कि इस बार आरएलए वीआईपी नंबरों के बिडर्स से सिर्फ कैश में ही रिजर्व प्राइस की राशि लेगा। इससे पहले तक लोगों से डिमांड ड्राफ्ट लिए जाते थे, लेकिन, इस बार डिमांड ड्राफ्ट नहीं लिए जाएंगे। जिस व्यक्ति को जो वीआईपी नंबर लेना होगा उसे उस नंबर के लिए रिजर्व प्राइस नीलामी से पहले जमा करानी होगी।
इसके साथ ही रेजीडेंस प्रूफ और नए वाहन की सेल लैटर भी जमा कराना होगा। नीलामी में हिस्सा लेने वाले जो आवेदक असफल रहते हैं उन्हें तुरंत रिजर्व प्राइस की राशि वापस कर दी जाएगी।
आरएलए के अधिकारियों के मुताबिक नीलामी से पहले सिर्फ कैश लेने का फैसला लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है। डिमांड ड्राफ्ट बनवाने में लोगों को दिक्कत आती थी और बाद में असफल आवेदकों को ड्राफ्ट को दोबारा से कैश कराने में भी दिक्कत आती थी।
अक्तूबर में पहली बार हुई खुली नीलामी में कुछ लोगों ने रिजर्व प्राइस की आधी राशि कैश में दी थी और आधी राशि का डिमांड ड्राफ्ट दिया था।
आरएलए कशिश मित्तल ने कहा कि नीलामी के लिए सभी तैयारी पूरी हो गई है। हम उम्मीद करते हैं कि नीलामी में लोगों का अच्छा रिस्पांस मिलेगा।