फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिमाग के सोचते ही काम करेगा कृत्रिम अंग

Thu, 31 Oct 2013 12:14 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
अब अंगहीनों को लाचार नहीं होना पड़ेगा। केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन की रिसर्च टीम उन्हें तोहफा दिया है। दरअसल केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन की रिसर्च टीम ने ऐसे अंग तैयार किए हैं, जो ब्रेन के सिग्नल पर चलेंगे।
विज्ञापन


इन कृत्रिम अंगों को बुधवार को चंडीगढ़ में संस्थान के स्थापना दिवस समारोह में प्रदर्शित किया गया। सीएसआईओ की रिसर्च टीम ने इसके मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल पार्ट दोनों ही तैयार कर लिए हैँ।

ऐसे करते हैं काम
मस्तिष्क से संबंधित अंग को किसी काम के लिए जो इलेक्ट्रिकल सिग्नल जेनरेट होता है, उससे मसल्स एक्टिवेट होते हैं। इन सिग्नल को कृत्रिम अंग में लगा सेंसर रीड करता है।
विज्ञापन


सेंसर को सिग्नल मिलते ही अंग में लगी मोटर एक्टिव होती है और अंग मूवमेंट करता है। मूवमेंट किस दिशा में और कितनी होनी है, यह भी सेंसर ब्रेन के सिग्नल के आधार पर रीड करता है।

एक नया फूल खिलाएंगे वैज्ञानिक
केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन के स्थापना दिवस पर इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च मोहाली के निदेशक प्रोफेसर एन सत्यमूर्ति ने एक नए प्रकार के फूल से जुड़ी स्टडी की भी जानकारी दी।

उन्होंने इसका नाम कसौली पुष्पम साहनी फ्लावर रखा है। उन्होंने फूलों के माइक्रोस्ट्रक्चरल एनालिसिस पर भी जोर दिया। इस मौके पर सीएसआईओ के निदेशक डा. गिरीश साहनी ने सीएसआईओ के प्रोजेक्टों की जानकारी दी।

सीएसआईओ ने अपने स्थापना दिवस पर हेड-अप डिसप्ले को प्रदर्शित किया। जिसकी आठ यूनिट अब तक तेजस के लिए तैयार की गई है।  उन्होंने कहा कि हेड अप डिस्प्ले, लिंब का डवलपमेंट और किसानों के लिए भी नई तकनीक डवलप की जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें