गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों की अब नई पहचान होगी। इसका असर सरकार से मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं के तहत संशोधित गरीबी रेखा की आय सीमाओं को मंजूरी दे दी है। इससे दलित वर्ग को सरकारी योजनाओं का अधिक फायदा मिल सकेगा।
अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि बैंक सहायता पर आधारित योजनाओं के लिए बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49,000 रुपये और शहरी में 60,000 रुपये होगी। यानी ग्रामीण् इलाकों में अगर सालाना आर 49 हज़ार रुपये है तो उस परिवार को बीपीएल में शामिल किया जायेगा, ठीक इसी तरह से शहरी इलाकों में अगर सालाना में आय 60 हज़ार रुपये है तो उन्हें भी बीपीएल परिवारों की श्रेणी में रखा जायेगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं के लिए डीपीएल (दोहरी गरीबी रेखा से नीचे) की वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 98,000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 1,20,000 रुपये रहेगी। नियमों में बदलाव के बाद काफी संख्या में नए परिवार बीपीएल सूची में शामिल होंगे जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।