हरियाणा पुलिस के डीएसपी बॉक्सर विजेंदर सिंह प्रोफेशनल खिलाड़ी बनना चाहते हैं। वह इंग्लैंड की एक एजेंसी से ट्रेनिंग लेने की तैयारी में है। विजेंदर ने ट्रेनिंग के लिए हरियाणा सरकार से छुट्टी मांगी थी, लेकिन कोई फैसला नहीं होने के कारण उन्होंने वीरवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने तुरंत राहत देने से साफ इनकार करते हुए यह मामला मुख्य मामले के साथ जोड़ दिया है। नौकरी में रहते हुए इंग्लैंड की एजेंसी से करार करने की खबरों पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए विजेंदर के मामले में हरियाणा सरकार से पूछा था कि विजेंदर को किस नीति के तहत नौकरी दी गई थी। विजेंदर की छुट्टी की मांग को लेकर याचिका की सुनवाई मुख्य मामले के साथ 20 अगस्त को होगी।
विजेंदर ने एडवोकेट पुनीत बाली के माध्यम से याचिका दायर कर कहा है कि वह बॉक्सिंग में और बड़ा नाम कमाना चाहते हैं। इसके लिए उसे उच्च स्तरीय और उत्तम ट्रेनिंग की जरूरत है। इसी ट्रेनिंग के लिए उसका इंग्लैंड की कंपनी से संपर्क हुआ है, लेकिन हरियाणा सरकार उसे छुट्टी नहीं दे रही। याचिका में यह भी कहा कि वह छुट्टी क ी अवधि का वेतन भी नहीं लेंगे, लेकिन सरकार ने उसे अभी तक मंजूरी नहीं दी है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर कहा कि विजेंदर के मामले में हाईकोर्ट में ही स्वत: संज्ञान का मामला विचाराधीन है, ऐसे में एकल बेंच कोई राहत नहीं दे सकती और याचिका मुख्य मामले के साथ सुनवाई के लिए भेज दी।
उल्लेखनीय है कि स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि जब देश के लिए मेडल लाने का मौका आया तो विजेंदर प्रोफेशनल हो गया। सरकार पर भी सवाल उठाए थे कि ऐसे सितारे विज्ञापनों से बड़ी कमाई करते हैं तो सरकार भ्रूण हत्या आदि के खिलाफ प्रचार के लिए इनका सदुपयोग क्यों नहीं करती।