इंचियोन एशियाई खेलों में पदक लौटाकर विरोध जताने वाली बॉक्सर एल सरिता देवी के पक्ष में ओलंपियन विजेंद्र सिंह भी खड़े हो गए हैं। डेरा सच्चा सौदा पहुंचे अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर ने कहा कि माफी मांगे जाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ द्वारा आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने के संकेत देना गलत है।
चार साल की मेहनत के बाद यदि परिणाम खिलाड़ी के विपरीत जाता है तो ऐसा प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इस पर सरिता देवी आईबा से माफी मांग चुकी है। उसे माफ कर दिया जाना चाहिए। विजेंद्र सिंह ने कहा कि सरिता देवी पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के संकेत का भारत सरकार और खेल मंत्रालय को ठोस जवाब देना चाहिए। सरिता देवी ने एशियाई खेलों में एक मुकाबले में उसके साथ बेईमानी करने का आरोप लगाते हुए अपना पदक सभी के सामने लौटा दिया था।
विजेंद्र ने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी संघ के निलंबन के चलते खिलाड़ियों को बड़ा ऑफिशियल टूर्नामेंट खेलने को नहीं मिला। इसका असर कामनवेल्थ खेलों में भी दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी फेडरेशन के गठन के बाद खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया में बदलाव आया है और धीरे-धीरे चयन में रहने वाली खामियां दूर हो रही हैं।