चंडीगढ़। प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह हत्या मामले में पूछताछ के लिए शहर लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी राजू बिसौदी और उसके साथी अभिषेक का तीन दिन का प्रोडक्शन वारंट सोमवार को खत्म हो गया। इसके बाद दोनों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। यहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बता दें कि चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम बीते शुक्रवार को दोनों को तीन दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी।
सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच की पूछताछ में राजू बिसौदी ने बताया था कि उसने लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर ही प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या कारवाई थी। इसके लिए उसने शूटर मुहैया करवाए थे। सोनू शाह उनके हर काम में टांग अड़ाता था, जिसके चलते उसकी हत्या करवाई गई थी। गौरतलब है कि 28 सितंबर 2019 की दोपहर को सोनू शाह अपने साथियों जोगिंदर और परविंदर के साथ बुड़ैल स्थित अपने दफ्तर में बैठा हुआ था। इस दौरान तीन युवक अंदर घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस हमले में सोनू के सिर और छाती पर दस गोलियां लगीं जबकि जोगिंदर और परविंदर उर्फ रोमी के एक एक गोली लगी। वारदात के करीब एक घंटे बाद गैंगस्टर लॉरेंश बिश्नोई ने फेसबुक पर सोनू की हत्या की जिम्मेदारी ली जबकि इसके अगले दिन लॉरेंस गैंग के ही राजू बिसौदी ने भी हत्या की जिम्मेदारी ले ली थी। बाद में क्राइम ब्रांच ने हत्यारों को पनाह देने वाले होटल मैनेजर धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था जबकि हत्यारे शूटर मंजीत, शुभम प्रजापति उर्फ बिगनी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा राजू बिसौदी पर पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था। हालांकि फरवरी 2020 को राजू को हरियाणा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह हरियाणा के अलग अलग जेलों में बंद रहा है।