चंडीगढ़। 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले शहर में बम धमकियों का सिलसिला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पिछले एक साल में करीब 30 बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
स्कूलों से लेकर हाईकोर्ट, जिला अदालत, सचिवालय और मेयर कार्यालय तक को निशाना बनाया गया। ज्यादातर धमकियां फर्जी निकलीं लेकिन हर बार पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाना पड़ा। इनमें मुख्य आरोपी सौरव बिस्वास की ही गिरफ्तारी सामने आई है।
कई बार एक ही ईमेल से कई संस्थानों को निशाना बनाया गया। स्कूल खाली कराने पड़े, परीक्षाएं प्रभावित हुईं और सरकारी परिसरों में घंटों सुरक्षा जांच चली। लगातार फर्जी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भी दबाव बढ़ाया है। संवाद