रामगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (टीबीआरएल) में हाई कैलिब्रेशन बम की टेस्टिंग के दौरान विस्फोटकों के बिखरने से झाड़ियों में आग लग गई। फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां रात 11 बजे तक आग बुझाने में जुटी थीं। करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैली आग को विस्फोटकों तक पहुंचने से रोकने के लिए टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि आग हाई सिक्योरिटी जोन तक नहीं पहुंची, नहीं तो यहां रखे विस्फोटकों में धमाके से बड़ा हादसा हो सकता था।
टीबीआरएल, रामगढ़ में बुधवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी दौरान टेस्टिंग भी चल रही थी। टीबीआरएल के अधिकारियों के मुताबिक यह रूटीन प्रक्रिया है। दोपहर बाद करीब तीन बजे लगी आग को बुझा लिया गया था, लेकिन शाम को आग एकाएक फिर झाड़ियों में भड़क उठी और तेजी से फैलने लगी। तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुट गईं। रात 11 बजे तक आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर ही डटी थीं।
स्टेशन फायर ऑफिसर एसएस मलिक ने बताया कि शाम 7.11 बजे झाड़ियों में आग लगने की सूचना मिली, जिसे काबू करने के लिए गाड़ियां भेजी गईं। आसपास के इलाके में काले धुएं के गुबार से लोग भी दहशत में आ गए थे। उधर, टीबीआरएल के प्रवक्ता मनोज अटवाल ने बताया कि टीबीआरएल में आग बुझाने के लिए एक अलग विंग है, जहां फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां रहती हैं। आग को समय रहते बुझा लिया गया था। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है।
टल गया बड़ा हादसा
एसएस मलिक ने बताया कि टीबीआरएल में विस्फोटकों का जखीरा होने की वजह से आग को अगर काबू नहीं किया जाता और लपटें उस जगह तक पहुंच जाती तो काफी बड़ा हादसा हो सकता था। आग की लपटें इतनी भयानक थी जो काफी दूर से भी दिख रहीं थीं।
आग से हड़कंप, हो सकता था बड़ा हादसा
आग की इस घटना से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। आनन फानन में अधिकारियों के फोन भी बजने लगे और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुझानी शुरू कर दी। रात 11 बजे तक दमकल की गाड़ियां मौके पर डटी थीं।