मॉडल इंडस्ट्रियल इस्टेट (एमआइई) के पार्ट-बी में शुक्रवार दोपहर केमिकल फैक्टरी में बॉयलर फट गया। इस वजह से तीन फैक्टरियां जमींदोज हो गईं, जबकि इनके सामने स्थित तीन फैक्टरियों में आग लग गई। इनसे कुछ दूरी पर स्थित जूते की फैक्टरी भी जल गई। इस तरह हादसे में सात फैक्टरियों को नुकसान पहुंचा है। बहादुरगढ़, दिल्ली और सोनीपत की 13 दमकल गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
अब तक छह कर्मचारियों के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि मलबे में तीन और लोगों के दबे होने की आशंका है। 34 कर्मचारी घायल बता जा रहे हैं। घायलों को निजी अस्पताल के अलावा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, 1816 नंबर की फैक्टरी में बॉयलर फटने का धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दो किलोमीटर तक सुनाई दी। धमाके की आवाज सुनकर आसपास की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी सड़कों पर आ गए।
शुक्रवार देर शाम गाजियाबाद से एनडीआरएफ और भोंडसी से एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। सूचना मिलते ही बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ-साथ डीसी, डीआईजी के अलावा कई विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए बहादुरगढ़ के अलावा दिल्ली व सोनीपत से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग किन कारणों से लगी, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
बताया गया कि 1816 नंबर की फैक्टरी में बॉयलर फटने से हादसा हुआ। इसके साथ स्थित 1815 नंबर में जूता फैक्टरी है तो 1814 में गोदाम है। यह दोनों भी हादसे में ध्वस्त हो गए। इसके पीछे स्थित 1810 और 1817 नंबर रेफ्रिजेशन की कंपनी की भी छतें उड़ गईं। इन फैक्टरियों के सामने स्थित 1852, 1853 व 1854 नंबर की फैक्टरी में आग लग गई। जबकि इनसे कुछ दूरी पर स्थित 1740 नंबर में चल रही जूते की फैक्टरी पूरी तरह खाक हो गई।