ज्योति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई जिसके बाद बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद ज्योति का उसके गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
पंजाब यूनिवर्सिटी की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिसर्च स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से हुई मौत के मामले में मंगलवार देर रात यूनिवर्सिटी प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद बुधवार को डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया। पैतृक गांव ले जाकर परिजनों ने अंतिम संस्कार किया गया।
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परिवार की मांग पर लिया गया फैसला
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार मंगलवार को कुलपति की अध्यक्षता में मृतका के परिजनों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में परिवार की मांगों पर विस्तार से चर्चा के बाद आर्थिक सहायता और नौकरी देने का निर्णय लिया गया। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने और शव ले जाने पर सहमति दे दी।
हादसे की जांच जारी
ज्योति की मंगलवार सुबह दक्षिण परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान पानी भरे क्षेत्र में करंट आने से वह उसकी चपेट में आ गई थी। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों अलग-अलग स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।