गांव बलौंगी की कालोनियों में दूषित पेयजल आपूर्ति केे कारण टाइफाइड और पीलिया फैल गया है। एक सप्ताह में इन बीमारियों के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। बीमारी को लेकर लोगों में दहशत है। इससे पूर्व भी कई बार बलौंगी में गंदे पानी की आपूर्ति के कारण हैजा और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियां फैल चुकी हैं। इलाके में पंचायत पेयजल की सप्लाई करती है।
मोहाली के सिविल अस्पताल में शनिवार को भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। उनकी जांच में पाया गया कि लोगों को पीलिया एवं टाइफाइड के लक्षण हैं। अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले दो दिनों में 25 से अधिक मरीज इन बीमारियों से ग्रस्त होकर अस्पताल में पहुंचे हैं। इनमें पांच बच्चे भी हैं। इनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल में भर्ती लोगों में अधिकतर बलौंगी की दशमेश कालोनी और दशमेश मार्केट के आसपास के रहने वाले हैं। दाखिल मरीजों में भूपिंदर सिंह, अमरीक खान, सिमरनजीत कौर, चंदन, विशाल, जसप्रीत, सीमा जैन, तनू बाला, वेदांती, अविनाश, सतविंदर, द्वारका, चरणजीत सिंह आदि ने बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन में जगह जगह रिसाव है। इस इसमें सीवरेज का पानी मिक्स हो रहा है। यही दूषित पानी पीने के कारण लोग बीमार हुए हैं।
सिविल अस्पताल की एसएमओ डा.आदेश कंग ने बताया कि सर्वेक्षण दस्ते के जिला प्रभारी डा. अवतार सिंह इस मामले को देख रहे हैं। जब डा. सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने खुद को छुट्टी पर बताते हुए डा. दिति शर्मा से संपर्क करने को कहा। डा. दिति ने बताया कि ताजा आंकडे़ उनके पास नहीं पहुंचे हैं। लेकिन पिछले सप्ताह में कुल 8 मरीज अस्पताल में बलौंगी की दशमेश मार्केट क्षेत्र से आए थे।
इसके बाद विशेष टीम ने क्षेत्र का दौरा कर लोगों के रक्त के नमूने लिए। पांच और मामले पोजिटिव पाए गए। जिन्हें टाइफाइड हुआ था। उनका उपचार किया जा रहा है। पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम ने क्लोरीन की दवाएं भी बांटी हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने की बात पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके पास साप्ताहिक रिपार्ट ही आती है।