चंडीगढ़। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यूटी चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तीसरे चरण की घोषणा के बाद सोमवार को आयोग की उच्चस्तरीय टीम ने चंडीगढ़ पहुंचकर अधिकारियों को प्रशिक्षण और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसआईआर कार्यक्रम की घोषणा के बाद यह पहली महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक रही। आयोग की टीम में सचिव संतोष कुमार दुबे और सचिव संजय कुमार शामिल थे। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
निर्वाचन विभाग के अनुसार 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नागरिक आवश्यक जानकारी बीएलओ को उपलब्ध करा सकेंगे। साथ ही वे voters.eci.gov.in पोर्टल पर स्वयं भी सेल्फ एन्यूमरेशन फॉर्म भर सकेंगे। बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि प्रत्येक चुनाव से पहले या आवश्यकता पड़ने पर कानूनी प्रावधानों के तहत निर्वाचक नामावलियों का पुनरीक्षण अनिवार्य होता है। वर्ष 1951 से 2004 के बीच देश में आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है। अंतिम बार यह प्रक्रिया वर्ष 2002-2004 के दौरान हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार प्रवासन, एकाधिक पंजीकरण, मृत मतदाताओं के नाम सूची में बने रहना और विदेशी नागरिकों के संभावित गलत समावेशन जैसी चुनौतियों के कारण मतदाता सूचियों को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाए रखने के लिए यह अभियान आवश्यक है। चंडीगढ़ में जागरूकता अभियान, राजनीतिक दलों से समन्वय और एन्यूमरेशन फॉर्म की छपाई का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।