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रक्तदान कर थैलेसीमिक बच्चों और मां को जिंदगी दें

Mon, 09 Jun 2014 12:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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वर्ल्ड ब्लड डोनर डे के अवसर पर थैलेसीमिक चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन, अमर उजाला फाउंडेशन और पीजीआई संयुक्त रूप से 14 जून को रक्तदान शिविर का आयोजन करने जा रहा है। रक्तदान कैंप पीजीआई के जाकिर हाल में सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू होगा। इस बार की थीम सेफ ब्लड फार सेविंग मदर है।
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इसके तहत उन मांओं की जिंदगी बचाने की कोशिश की जाएगी, जो प्रेंग्नेसी के दौरान खून की कमी से दम तोड़ देती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़े भी बताते हैं कि सबसे ज्यादा मेटरनल मौत की वजह खून की कमी बनती है। कैंप में इकट्ठा किया गया रक्त थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को भी दिया जाएगा।

पीजीआई और थैलेसीमिक चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन पूरे साल पीड़ित बच्चों को 10-12 हजार यूनिट ब्लड देती है। इन बच्चों का जीवन रक्त पर ही निर्भर है। यदि इन्हें समय पर रक्त नहीं मिलता तो इनकी जिंदगी खतरे पर पड़ जाती है।
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आइए 14 जून को सभी स्वस्थ्य नागरिक अपने शरीर से एक यूनिट रक्त देकर मां और बच्चे की जान बचाएं। आपका एक यूनिट ब्लड किसी भी बच्चे या मां की जिंदगी में खुशियां बिखेर सकता है।
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ज्यादा जरूरी है आपका साथ

गरमी के वक्त स्कूल-कालेज व अन्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बंद होने से रक्तदान कैंप कम लगते हैं। इस दौरान गरमी काफी पड़ती है तो लोग घर से कम निकलते हैं। ऐसे में अन्य दिनों की अपेक्षा गरमी में रक्त की कमी पड़ जाती है।

इससे मरीजों को दिक्कत आती है। शहरवासियों, एनजीओ और पीजीआई के प्रयास से ब्लड बैंक में इतना रक्त रहता है कि किसी भी मरीज को दिक्कत नहीं आती, लेकिन कभी कोई बड़ी इमरजेंसी आ जाए तो दिक्कत आ सकती है।

इन्हीं सब बातों को ध्यान रखकर ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसीलिए इस वक्त पर सबसे ज्यादा जरूरत आपकी की है।
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450 बच्चों को हर 20 दिन में होती है जरूरत

थैलेसीमिया से 300 पीड़ित बच्चों को पीजीआई ब्लड बैंक व थैलेसीमिक चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने गोद ले रखा है। इन बच्चों को हर 20 दिन बाद ब्लड की जरूरत पड़ती है। रक्तदान से इकट्ठा किया गया रक्त ही इनके काम आता है। पीजीआई व एसोसिएशन ही इन बच्चों को अपने स्तर पर रक्त मुहैया करवाती है।

एसोसिएशन के महासचिव राजेंद्र कालरा ने बताया कि एसोसिएशन पिछले 25-26 साल से थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को संभाल रही है। यह सब पीजीआई व रक्तदाताओं के बिना संभव नहीं हो सकता था।

उन्होंने बताया कि इस संस्था की नींव पीजीआई के स्व. प्रोफेसर जेजी जॉली ने रखी थी। संस्था को आगे बढ़ाने में प्रेसिडेंट एसपी आजमानी, वाइस प्रेसिडेंट अर्जन सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी गिनी बैथ व अन्य कई समाजसेवियों का सहयोग रहा है।
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