चंडीगढ़ के सेक्टर 34 स्थित के संस्कार महोत्सव में रविवार शाम नाइट्रोजन गैस से भरा गुब्बारा फटने से करीब 17 लोग झुलस हो गए। इससे वहां पर भगदड़ भी मची। सभी घायलों को इलाज के लिए सेक्टर 32 स्थित मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया गया, जहां इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। गुब्बारा फटने से कुछ के हाथ हल्के झुलस गए थे। अस्पताल के मुताबिक एक व्यक्ति का हाथ करीब 20 प्रतिशत झुलस गया था। बाकी को हल्की चोटें थीं।
सेक्टर-34 के एग्जिबिशन ग्राउंड में संस्कार महोत्सव आयोजन किया गया था। इसमें भक्ति की पाठशाला का आयोजन किया जा रहा था। उद्घाटन अवसर पर कुछ गुब्बारे छोड़े गए, जो तारों में फंसकर फट गए। फटने से ग्राउंड में भगदड़ मच गई। नीचे खड़े छात्रों और फैकल्टी मेंबर में ज्वलनशील गैस के छींटे पड़े। करीब 17 लोगों के मुंह व हाथ पर छीटें पडे़।
सभी को तुरंत जीएमसीएच 32 पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि घटना होने के बाद एंबुलेंस को कॉल की गई। लेकिन एंबुलेंस वक्त पर नहीं पहुंची। बाद में निजी वाहनों से सभी को अस्पताल पहुंचाया गया।
ये हुए घायल
संस्कार महोत्सव में गुब्बारा फटा
खबर से पैरेंट्स सहमे
हादसे के बाद आग की तरह घटना फैली, जिसे सुनकर स्टूडेंट्स के परिजन सेक्टर-32 के अस्पताल पहुंचे और अपने बच्चों के हाल चाल जानने के लिए पूछताछ काउंटर पर पहुुंचे। अस्पताल में भी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हास्पिटल को जब सूचना मिली तो वहां भी आला अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। बड़े हादसे की सूचना पर हास्पिटल में भी बेड तैयार कर लिए गए।
ये हुए घायल
लविश, शिवम, भावेश, हिमांशु, पंकज, साहिल, शांतनु, लखविंदर, राजेश, सक्षम, रक्षित, राजकुमार, जितेन गुप्ता, रजनीश, राजेश माहेश्वरी, रूपेंद्रा, रितिका शामिल हैं।
नगर निगम के अधिकारियों को नहीं पता
नगर निगम के अधिकारियों से जब ये पूछा गया तो पता चला कि मेले के आयोजन के लिए फायर की एनओसी नहीं ली गई थी। नगर निगम केफायर आफिसर ने कहा कि उन्हें फिलहाल घटना के बारे में जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी मिलने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। पुलिस ने फिलहाल प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।