सोशल मीडिया पर मामला आने पर आरोपी उसे जालंधर ले आए। कुछ दिन पहले बेटी का फोन आया कि तीन युवकों ने उसे बंधक बनाकर रखा है। आरोपी उसे नशा देकर हर रोज दुष्कर्म करते हैं। बीती 12 दिसंबर को परिजन पुलिस को लेकर किसी तरह जालंधर मिट्ठा चौक गांव में पहुंचे और अपनी बेटी को बरामद कर लिया।
पीड़िता के पिता का दावा है कि उन्होंने एक आरोपी को दबोचकर पुलिस के हवाले भी कर दिया था। गुरुवार को उनकी बेटी बयान दर्ज करवाने के लिए थाना डिवीजन नंबर 7 गई। वहां पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी और एएसआई तरसेम सिंह केस में एक आरोपी का नाम दर्ज करवाने का दबाव बनाने लगे। बेटी के मना करने पर महिला मुलाजिम और एएसआई ने उससे मारपीट की गई। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद वह बेटी को घर ले आए। शुक्रवार को अन्य लोगों को साथ लेकर डिविजन नंबर 7 पहुंचे। इसके बाद उनकी बेटी को मेडिकल के लिए भेजा गया।
मारपीट के आरोप झूठे: एएसआई
इस संबंध में एएसआई तरसेम सिंह का कहना है कि जब लड़की गायब हुई थी, पुलिस ने उसी समय मिट्ठापुर निवासी फूल चंद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मेरे पर मारपीट करने के आरोप झूठे हैं। लड़की का मेडिकल करवाया गया है। हमारी तरफ से कोई मारपीट की गई होगी तो वह मेडिकल में आ जाएगी। शनिवार को पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होंगे। वह जिन आरोपियों का नाम लेगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
मामला मेरे ध्यान में नहीं था। पीड़िता के पिता के आरोपों की जांच कराई जाएगी। किसी भी पुलिस मुलाजिम पर मारपीट का आरोप साबित हुए तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - सुखचैन सिंह गिल, पुलिस कमिश्नर लुधियाना