हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस को नोटिफाइड डिजीज (अधिसूचित रोग) घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के कई मामले सामने आ चुके हैं। अब नए मामले मिलने पर डॉक्टर जिले के सीएमओ को रिपोर्ट करेंगे।
विज ने कहा कि यदि राज्य के किसी सरकारी या निजी अस्पताल में कोई रोगी ब्लैक फंगस से पीड़ित पाया जाता है तो इसकी जानकारी संबंधित सीएमओ को देनी होगी ताकि बीमारी की रोकथाम के लिए कदम उठाए जा सकें। रोहतक पीजीआई के वरिष्ठ चिकित्सक प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रहे सभी चिकित्सकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक करेंगे और उन्हें ब्लैक फंगस के इलाज के बारे में बताएंगे।
हाल में कई राज्यों में खास तौर पर कई शूगर पीड़ित कोरोना रोगियों को म्यूकरमाइकोसिस होने के मामले सामने आए हैं। वहीं इस महीने की शुरुआत में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कोविड-19 से म्यूकरमाइकोसिस होने की बात से इनकार करते हुए कहा था कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
प्रदेश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। कोरोना से ठीक होने के बाद अब ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें शुगर है और उन पर ब्लैक फंगस ने हमला बोल दिया है। पिछले एक सप्ताह में पीजीआई रोहतक में सबसे अधिक ऐसे मामले सामने आए। पीजीआई में करीब 20 ऐसे मामले आए। इनमें से कुछ लोगों की आंख चली गई तो किसी का कान। वहीं, दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।