बागी अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने एसजीपीसी व श्री अकाल तख्त साहिब को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए टकसाली अकाली परिवारों के घरों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। ढींढसा बादल परिवार विरोधी इन पंथक परिवारों को शिअद (टकसाली) में शामिल कर एसजीपीसी के चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रहे है।
ढींढसा के लिए बादल परिवार को एसजीपीसी चुनाव में हराना पहला लक्ष्य है। ढींढसा ने वीरवार देर रात पंथ रत्न मास्टर तारा सिंह की नातिन व एसजीपीसी की सदस्य बीबी किरण जोत कौर के घर पहुंच कर उनसे लगभग आधा घंटा तक बैठक की। एसजीपीसी की साधारण सभा में बीबी किरण जोत कौर के कई बार विरोध स्वर सुनाई दिए है।
वर्ष 2001 में एसजीपीसी के महासचिव के पद की जिम्मेदारी निभा चुकी बीबी किरण जीत कौर को एक योजनाबद्ध ढंग से अकाली राजनीति से दूर कर दिया गया है। अकाली दल की ओर से आयोजित कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के विरुद्ध रैली करनी हो या कोई राजनितिक सभा किसी में भी बीबी किरण जोत कौर को न्योता तक नहीं भेजा जाता।
सुखबीर बादल के अध्यक्ष बनने के बाद माझा में बिक्रम मजीठिया की बड़ी ताकत के बाद शिअद में बीबी किरण जोत कौर को लगातार पार्टी में अनदेखा किया जाता रहा है।
आगामी एसजीपीसी चुनाव को लेकर उनका मन टटोला
एसजीपीसी व शिअद के अध्यक्ष पद पर कई दशकों तक सेवा निभाने वाले मास्टर तारा सिंह की दोहती बीबी किरण जोत कौर की सुखबीर बादल की ओर से की जा रही अनदेखी के बाद ढींढसा व किरण जोत कौर के बीच हुई बैठक पंथक हलकों में चर्चा बन गई। ढींढसा ने किरण जोत कौर के साथ आगामी एसजीपीसी चुनाव को लेकर उनका मन टटोला है।
अमृतसर के शहरी हलके से 1996 से एसजीपीसी की सदस्य निर्वाचित होने वाली किरण जोत कौर स्त्री अकाली दल की पूर्व अध्यक्ष व सांसद बीबी राजिंदर कौर की बेटी है, जिनकी हत्या आतंकवादियों ने कर दी थी। बीबी किरण जोत कौर ही अपने नाना व मां की विरासत को आगे बड़ा रही ही।
इसी तरह ढींढसा ने शिअद ने एनईआर विंग के वरिष्ठ सदस्य जत्थेदार भूपिंदर सिंह को भी अपने पाले में कर लिया। ढींढसा भूपिंदर सिंह ने निवास स्थान पर गए। दोनों के बीच मुलाकात हुई। जत्थेदार भूपिंदर सिंह ने कहा की अकाली दल को बचाने के लिए वह ढींढसा के साथ चलेंगे। इसी तरफ ढींढसा ने एसजीपीसी के पूर्व सचिव व अखिल भारतीय प्रजापत बरादरी के अध्यक्ष रघबीर सिंह के निवास स्थान पर जा कर उनसे मुलाकात कर समर्थन देने की अपील की।
बादल परिवार से एसजीपीसी को मुक्त कराना प्राथमिक
ढींढसा ने शुक्रवार सुबह तरनतारन में आयोजित पंथक रैली में हिस्सा लेने से पूर्व सचखंड श्री हरिमंदर साहिब में माथा टेक गुरु घर का आशीर्वाद लिया। ढींढसा ने कहा कि एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाना प्राथमिकता है। इस काम को पूरा करने के लिए वह सभी पंथक परिवारों का सहयोग मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा बादल परिवार ने सिखों की सर्वोच्च संस्थाओं को कमजोर किया है। एसजीपीसी में बड़े घोटाले हो रहे है। गुरुद्वारा साहिबान की गोलक लूटी जा रही है। सेवा सिंह सेखवां ने कहा बोनी के शिअद में शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। डॉ. रत्न सिंह अजनाला उनके साथ है। कई पंथक परिवार उनके संपर्क में है।