देश की सीमा पर तैनाती या युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले सेना और अर्ध सैनिक बलों के शहीद अफसरों के आश्रित भी अब हरियाणा के सरकारी विभागों में अफसर बनेंगे। मनोहर लाल सरकार ने प्रदेश के शहीद अफसरों के आश्रितों को क्लास-टू नौकरी देने का निर्णय लिया है। सरकार ने लंबे समय से विचाराधीन मांग पर मुहर लगाकर सैनिक परिवारों को बड़ी सौगात दी है।
सरकार के निर्णय का सैनिक-अर्ध सैनिक अफसरों के नौकरी से वंचित आश्रितों को जल्द लाभ मिलेगा। चूंकि, अभी शहीदों के आश्रितों को प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरी देने का ही प्रावधान था। पूर्व में जिन शहीद अफसरों के आश्रितों को नौकरी मिल चुकी है, उन्हें इस निर्णय का लाभ नहीं होगा। अगर शहीद अफसर का कोई आश्रित नौकरी से वंचित है तो उसे नियमानुसार क्लास-टू की नौकरी मिलेगी।
भविष्य में हरियाणा का अगर कोई अफसर शहीद होता है तो उसके परिवार को यह लाभ दिया जाएगा। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम, यूनिवर्सिटी-मेडिकल कॉलेजों के रजिस्ट्रार और राज्य सैनिक बोर्ड के सचिव को सरकार के निर्णय को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव ने भविष्य में कैबिनेट बैठक में नौकरी प्रदान करने के लिए लाए जाने वाले एजेंडे में इस निर्णय पर अमल करने को कहा है। हरियाणा एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतर सिंह मुलतानी और महासचिव खुशबीर सिंह दत्त ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे सैनिक-अर्ध सैनिक अफसरों के बच्चे हरियाणा की सरकारी नौकरी में भी अफसर के पद पर सेवाएं दे सकेंगे।