भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) से गठबंधन टूटने के बाद पंजाब में भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने राज्य में अपना सियासी आधार बढ़ाने के लिए गतिविधियां भी तेज कर दी हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं को शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बताया कि पंजाब में भाजपा 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और इसके लिए पार्टी ने जोरशोर से तैयारी शुरू कर दी है। राज्य से सभी 23 हजार पोलिंग बूथों पर पार्टी की पैठ बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 19 नवंबर को पंजाब में पार्टी के 10 जिला कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे और इसके बाद सूबे में चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लेने तीन दिन के दौरे पर भी आएंगे। हालांकि उनके पंजाब दौरे की तिथि अभी तय नहीं हुई है। भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में पार्टी पंजाब में मोदी सरकार द्वारा चलाई गई 160 जनकल्याण स्कीमों का प्रचार करेगी और लोगों को भाजपा के शासन में पंजाब में हुई उन्नति की जानकारी दी जाएगी।