नगर निगम चुनाव के आगाज के साथ ही रेल और बूथ घोटाले का जिन्न फिर से गरमा गया है। भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में इन दोनों घोटालों को उठाकर कांग्रेस को घेरा गया। ऐसे में भाजपा आने वाले नगर निगम चुनाव में बूथ और रेल घोटाले को फिर से मुद्दा बनाने जा रही है।
भाजपाध्यक्ष, मेयर, पार्टी प्रभारी से लेकर सांसद तक ने कांग्रेस के समय हुए घोटालों को उठाया। जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपने भाषण में कहा कि चंडीगढ़ के लोग तो घोटालों को भलीभांति जानते हैं। मालूम हो कि बूथ घोटाले की जांच रिपोर्ट में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और पूर्व सांसद पवन बंसल का नाम आ चुका है जबकि रेल गेट में पूर्व सांसद बंसल का।
संजय टंडन ने कहा कि यहां पर बूथ घोटाले के नाम पर ऐसा घपला हुआ जिसमे छोटे लोगों का अधिकार छीना गया। माफिया और गलत लोगों को बूथ दिलवाए गए। टंडन ने कहा कि इस घोटाले की जांच रिपोर्ट कांग्रेस के कार्यकाल में ही तैनात एडीसी ने दी थी, जबकि रेल घोटाले में शामिल शहर के पूर्व सांसद को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके परिवार के सदस्य पैसे लेते पकड़े गए। ऐसे में वह शहर के लोगों से किस तरह से वोट मांग सकते हैं। टंडन ने कहा कि 10 माह में भाजपा के मेयर के कार्यकाल में इतने काम हुए हैं कि कांग्रेस 14 साल में भी नहीं करवा पाई। टंडन यूटी इंप्लाइज स्कीम के तहत मिलने वाले चार हजार फ्लैट्स का भी मामला उठाया।
पार्टी प्रभारी और सांसद ने कांग्रेस के समय हुए घोटालों को उठाया
रेल और बूथ घोटाला उठाकर कांग्रेस को घेरा
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर सांसद किरण खेर ने कहा कि कांग्रेस ने कालोनियां तो बनवाईं लेकिन वहां पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो काम हुए हैं वह किसी नेता ने नहीं बल्कि भाजपा ने करवाए हैं। एकजुट होकर नगर निगम चुनाव जीता जाएगा।
पार्टी प्रभारी सरोज पांडे ने कहा कि यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आगाज करने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद आए हैं। कांग्रेस कार्यकाल में शहर के सांसद पर गंभीर आरोप लगे लेकिन भाजपा के कार्यकाल में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष किया कि जिनके चेहरों पर पहले से कालिख लगी हो वह दूसरो को आईना दिखाने का काम नहीं करते हैं।
कार्यकर्ता सम्मेलन को राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को वोट लिस्ट ध्यान से पढ़ने के लिए कहा। जबकि मेयर अरुण सूद ने कहा कि बूथ और रेल घोटालों में लिप्त नेता अपने कार्यकाल में कहते थे कि उनकी अधिकारी सुनते नहीं है लेकिन 10 माह केकार्यकाल में भाजपा ने 27 एमजीडी पानी, मेकेनिकल स्वीपिंग जैसे काम करके दिखा दिए हैं।
शाह की गाड़ी पर फेंके काले झंडे
शाह की गाड़ी पर फेंके काले झंडे
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धवन नहीं आए
शाह के कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन नहीं आए, जबकि उनके लिए मंच पर कुर्सी लगाई गई थी। धवन का नाम भी भाजपा के उपाध्यक्ष रघुवीर लाल अरोड़ा ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल का स्वागत करने केलिए पुकारा था। मालूम हो कि शहर में भाजपा टंडन, जैन और धवन के गुटों में बंटी हुई है। उधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन का कहना है कि उन्हें काफी तेज बुखार था जिस कारण वह कार्यक्रम में नहीं जा सके।
शाह ने नाराजगी जताई
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को उस समय नाराज हो गए जब मंच पर सीनियर नेताओं, जिला और सेल के पदाधिकारियों को स्वागत के लिए धीरे धीरे से बुलाया जा रहा था। शाह ने अरोड़ा को जल्दी जल्दी नाम पुकारने के लिए कहा। जबकि मंच पर उस समय पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने भी नाराजगी जाहिर की जब अरोड़ा ने उन्हें बोलते हुए रोका।
शाह की गाड़ी पर फेंके काले झंडे
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हरमेल केसरी पंडाल के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की गाड़ी तक काले झंडे फेंकने में कामयाब रहे। लेकिन इस कार्रवाई के लिए पुलिस ने केसरी और समर्थकों को बुरी तरह से पीटा। केसरी के हाथों की उंगलियों पर चोटें आई हैं। जबकि एक नेता की नाक जख्मी हुई है।