भजनलाल के नाम सबसे बड़ी जीत
उपचुनाव में भजनलाल परिवार ने पहली बार सरकार के साथ रहते जीत दर्ज की। पिछले तीनों उपचुनाव यह परिवार सत्ता के खिलाफ ही जीता। भव्य बिश्नोई की जीत का अंतर आज तक इस सीट पर हुए तीन उपचुनावों में सबसे कम रहा है। जून, 1998 में जब आदमपुर में पहला उपचुनाव हुआ था, तब कांग्रेस पार्टी से राजनीतिक जीवन का पहला चुनाव लड़ते हुए कुलदीप बिश्नोई हविपा-भाजपा गठबंधन के हरि सिंह से 17 हजार 775 वोटों से जीते थे।
मई, 2008 में आदमपुर में हुए दूसरे उपचुनाव में भजन लाल ने हजकां की टिकट पर कांग्रेस के रणजीत सिंह चौटाला को 26188 वोटों से हराया था। 2011 में आदमपुर में हुए तीसरे उपचुनाव में कुलदीप की धर्मपत्नी रेणुका बिश्नोई ने हजकां की टिकट पर चुनाव लड़कर कांग्रेस के कुलवीर बेनीवाल को 22 हजार 669 वोटों से मात दी थी। चौथे उपचुनाव में भव्य ने जेपी को 15740 मतों से हराया है। इस सीट पर सर्वाधिक वोटों से जीतने का रिकॉर्ड भजन लाल के नाम बरकरार है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर फरवरी 2005 में इनेलो के राजेश को 71 हजार 81 वोट के बड़े अंतर से हराया था।
नौ बार इस सीट से जीते भजनलाल
भजन लाल इस सीट से वैसे तो कुल 9 चुनाव जीते, लेकिन उन्हें 8 बार विधायक माना जाएगा। क्योंकि मई, 2008 में उन्होंने 11 वीं विधानसभा सभा के दौरान ही उपचुनाव जीता था। जिस विधानसभा में वह पहले भी विधायक निर्वाचित हुए थे, इस प्रकार उनका विधायक के तौर पर एक ही कार्यकाल होगा। कुलदीप इस सीट से चार बार, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई और माता जसमा देवी एक-एक बार जीती। कुलदीप के पुत्र भव्य की जीत से इस सीट पर भजन लाल परिवार की 16वीं जीत हुई है।