भाजपा में चंडीगढ़ से लोकसभा टिकट के 19 दावेदारों में से सही नामों की छटनी के लिए पार्टी चुनाव समिति की बैठक कल होगी। समिति की इस बैठक में भाजपा के शहर के तीनों ही बड़े नेता सदस्य होने के बावजूद हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन तीनों ही टिकट की दौड़ में हैं।
आगामी लोकसभा चुनाव केलिए चंडीगढ़ से उम्मीदवार चुनने के लिए भाजपा की चुनाव समिति की बैठक कल होगी।
दिलचस्प बात है कि बैठक से शहर के तीन बड़े नेता नदारद रहेंगे। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन चुनाव समिति की बैठक में शामिल नहीं होंगे, जबकि ये तीनों समिति के सदस्य भी हैं।
इन तीनों ने चंडीगढ़ से टिकट के लिए आवेदन दिया है, ऐसे में इन तीनों के अलावा शेष 9 लोग ही बैठक में शामिल हो सकेंगे। चुनाव समिति की बैठक में टिकट के लिए आए 19 आवेदनों की छंटनी की जाएगी।
उनमें से कुछ नाम चुनकर पार्टी हाईकमान को भेजे जाएंगे। उसकेबाद ही चंडीगढ़ से उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। बैठक में चंडीगढ़ प्रभारी आरती मेहरा भी शामिल होंगी।
दबाव की रणनीति का हिस्सा ज्यादा आवेदन
5 फरवरी को भाजपा ने चंडीगढ़ सीट के लिए सभी से आवेदन मांगे थे। हैरानी की बात है कि पार्टी के 19 नेताओं ने सीट के लिए इच्छा जताई और 11 हजार रुपये देकर आवेदन भर दिया।
वहीं, सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादा लोग टिकट के इच्छुक भी नहीं थे और न ही उनके आवेदन को गंभीरता से लिया जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की ओर से इसे दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है। इनमें से कई खुलकर कह रहे हैं कि यदि उनके चहेते नेता को टिकट दी जाती है तो वे दौड़ से खुद हट सकते हैं।
5 बजे वाले मुद्दे पर होगी बहस
चुनाव समिति की बैठक में हंगामा होने के भी आसार हैं। सूत्रों की मानें तो कई कार्यकर्ता आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ी बरतने के कारण नाराज चल रहे हैं।
5 फरवरी को शाम 5 बजे तक ही आवेदन दिए जाने थे, लेकिन शाम को 5 बजे के बाद भी आवेदन होते रहे। इतना ही नहीं पौने 5 बजे तक महज 12 लोगों के आवेदन थे, जबकि एकदम आवेदकों की संख्या 19 हो गई।
इस पर पूर्व पार्षद और टिकट के लिए आवेदन करने वाली रंजना शाही ने भी विरोध जताया था। वहीं, सूत्रों की मानें तो कुछ कार्यकर्ता पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और प्रभारी को भी बदलने की मांग कर रहे हैं।