पार्टी पर्यवेक्षकों के समक्ष भाजपा के 11 नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की। इनमें से फीडबैक के लिए सबसे पहले मास्टर गोगल, इसके बाद टेकराम कंडेला, डॉ. कृष्ण मिढ़ा, राजेश गोयल, लीलाधर मित्तल, डॉ. ओपी पहल, जवाहर सैनी, सुरेंद्र बरवाला, सज्जन गर्ग, रामफल शर्मा व बलकार डाहौला शामिल हैं। इस दौरान सभी उम्मीदवारों में से राजेश गोयल ऐसे उम्मीदवार रहे जो मौके पर मौजूद नहीं थे। पर्यवेक्षकों ने एक नेता के समर्थकों से जातीय संख्या के अलावा ग्रामीण व शहरी संख्या की भी जानकारी ली। इसके बाद सभी संभावित उम्मीदवारों से एक-एक कर अकेले में बातचीत की गई।
टिकट के इच्छुक लोगों ने किया शक्ति प्रदर्शन
पर्यवेक्षकों के सामने अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करने के लिए सभी टिकट के इच्छुक दावेदारों ने शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी उम्मीदवारों के समर्थकों अपने-अपने नेता के लिए नारे लगाए तो कृषि मंत्री ओपी धनखड़ को कहना पड़ा कि यदि कोई भी नारे लगाता है तो यह उस उम्मीदवार के खिलाफ जाएगा।
हाईकमान को दी जाएगी रिपोर्ट
भाजपा के पास उपचुनाव को लेकर कई उम्मीदवार हैं। उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। आज जींद में पहुंचकर उम्मीदवारों व उनके कार्यकर्ताओं की राय ली गई है। कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद एक-एक उम्मीदवार से भी राय ली जाएगी। इसके बाद यह रिपोर्ट हाई कमान को भेजी जाएगी। इसके बाद हाई कमान उम्मीदवार का फैसला करेगी। - ओमप्रकाश धनखड़, कृषि मंत्री