जाट आरक्षण का विरोध कर रहे कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने कहा है कि अगर जाट सरकार पर दबाव डालकर आरक्षण हासिल कर लेते हैं, तो इससे देश में विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जाट सिर्फ दबाव बनाना चाहते हैं, अगर ऐसा हुआ तो लोकतंत्र और कोर्ट के क्या मायने रह जाएंगे। सैनी ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि यदि ओबीसी कोटे से जाटों को आरक्षण दिया गया तो वे सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे।
सैनी ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि सोनीपत के गोहाना में रविवार को पिछड़े वर्ग के एक समारोह में कई वक्ताओं ने भी कहा है कि आरक्षण के लिए जाट सरकार पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि पिछड़े वर्ग के लोगों ने भी चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्थन दिया था।
राजकुमार सैनी ने कहा कि बीपी मंडल समेत समय-समय पर गठित किए गए विभिन्न आयोगों ने भी कभी जाटों को शैक्षिक, राजनीतिक या आर्थिक पिछड़ेपन में ओबीसी के समकक्ष नहीं माना है।
उन्होंने कहा, ‘1990 के मध्य में हरियाणा में बंसीलाल सरकार के समय के दौरान भी, जब मुझे पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय होता महसूस होता था, तो मैं आवाज उठाता था। मैं राजनीति में निजी स्वार्थ साधने के लिए नहीं आया हूं। सत्ता में बने रहने का मुझे कोई लालच नहीं है और मैं पिछड़े वर्ग के अधिकारों के लिए इस्तीफा दे सकता हूं।’