हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज की जासूसी का मामला शनिवार को भी चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि, विज ने इस प्रकरण पर चुप्पी साधते हुए जांच रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा।
वहीं विपक्ष से इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने अपने फोन टेप किए जाने का आरोप लगाया और अनिल विज के मामले में यह कहते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर उंगली उठा दी कि अगर मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों पर ही भरोसा नहीं है तो सरकार कैसे चलेगी।
इस मामले में भाजपा मुख्यमंत्री खट्टर के साथ खड़ी दिखाई दी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन ने मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देते हुए पूरे मामले की जांच होने तक इंतजार करने की बात कही है।
इस बीच, पूरे मामले की जांच में लगे सीआईडी के आईजी संदीप खिरवार ने शनिवार को अनिल विज के दफ्तर के उन कर्मचारियों व अधिकारियों के बयान लेने की प्रक्रिया शुरु कर दी, जो शुक्रवार को घटना के समय विज के दफ्तर में मौजूद थे। संभवत: खिरवार सोमवार को इस मामले में जांच रिपोर्ट सौंप देंगे।
विज पर भरोसा नहीं तो मंत्रिमंडल से हटा दें
जासूसी प्रकरण पर इनेलो नेता अभय चौटाला मुखर दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा गलत कुछ नहीं हो सकता। सत्तापक्ष के मंत्रियों की ही नहीं नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनकी भी जासूसी करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने भी दस साल तक उनकी जासूसी करवाई। चौटाला ने कहा कि अनिल विज प्रदेश की राजनीति में सबसे ईमानदार चेहरा हैं। अगर मुख्यमंत्री को विज पर भरोसा नहीं तो उन्हें मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।
कर्मचारी का कहना है कि वह पंद्रह दिन से यह काम कर रहा था। इस मामले में सोमवार तक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उसके बाद सरकार कदम उठाएगी।
- रामबिलास शर्मा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा
अगर यह सच है तो बहुत गंभीर बात है। मैं इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करूंगा।
- कंवरपाल गुज्जर, स्पीकर हरियाणा
सरकार पर आरोप बेबुनियाद है। आरोपी लंबे समय से सचिवालय में तैनात रहा है।
- डा. अनिल जैन, राष्ट्रीय महासचिव भाजपा
यह विज का स्टंट है क्योंकि उनसे स्वास्थ्य विभाग लिया जाने वाला है। यह सीएम पर दबाव बनाने को कोशिश की है।
- कुलदीप शर्मा, पूर्व स्पीकर और विधायक कांग्रेस