हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ का कहना है कि पंचायत चुनाव से पढ़ी-लिखी महिलाओं को राजनीति में आने का मौका मिलेगा। उन्होंने प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव में महिलाओं की भूमिका पर खुशी जाहिर की है।
जारी बयान में धनखड़ ने कहा कि हरियाणा राज्य चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रथम चरण में 51.9 प्रतिशत, दूसरे चरण में 56.42 और तीसरे चरण में 56.27 प्रतिशत उम्मीदवारों का सर्वसम्मति से चुना जाना हर लिहाज से साफ छवि के लोगों, विशेषकर पढ़ी-लिखी महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के प्रदेश सरकार के दृष्टिकोण को सही ठहराता है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ दुष्प्रचार भी खूब किया, लेकिन मतदाताओं ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब गांवों की पढ़ी-लिखी बेटियां भी सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद का चुनाव लड़ने के लिए आगे आईं और लोगों खुले मन से उनका समर्थन कर हरियाणा में सही मायने में महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है।
धनखड़ ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार पंचायत चुनाव में 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जोकि सरकार की नीतियों को सही ठहराता है। कुछ बूथों पर तो शत-प्रतिशत मतदान हुआ, जो इन चुनावों में लोगों की उत्साहवर्धक भागीदारी को दर्शाता है।
मेवात जैसे इलाके में भी सबसे कम आयु के युवाओं का चुना जाना अपने आप में एक मिसाल है। औसतन 34 वर्ष से भी कम आयु के तथा स्नातक से अधिक शिक्षित युवाओं का चुना जाना लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक शुभ संकेत है।