पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ तीन मामले सुन चुके मंत्री के सामने चौथा मामला भी पुलिस कार्यप्रणाली के खिलाफ आया। इसमें चांदनी बाग थाना के अंतर्गत एक युवक को साजिश के तहत मारने का प्रयास किया गया। इस मामले में पुलिस ने तथ्य ही बदल दिए। जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी पुलिस कर्मचारी ने कैंसलेशन रिपोर्ट जमा करवा दी।
इस पर मंत्री ने पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि लंका में सभी 52 गज के हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी शराब कारोबारियों के साथ मिलकर ऐसा किया गया है, तो मंत्री बोले- पुलिस तो है ही शराब कारोबारियों पर मेहरबान। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अगली बैठक तक सभी आरोपी जेल के अंदर होने चाहिए।
बिना नोटिस के किसी के घर में कैसे घुस गए
हुडा द्वारा बिना नोटिस दिए मकान ढहाए जाने वाले मामले में मंत्री अनिल विज ने अफसरों को जमकर लताड़ा। उन्होंने संबधित एसडीओ और जेई को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने अफसरों को धमकाते हुए कहा कि बिना परमिशन या नोटिस के तुम किसी के घर में नहीं घुस सकते, तुमने तो मकान ढहा दिया।
इस पर अधिकारी बोले कि हम तो सरकार का फायदा कर रहे थे, तो मंत्री ने उन्हें और ज्यादा लताड़ा। बोले सरकार की चापलूसी बंद करो। ऐसा कोई कानून है तो दिखाओ, वर्ना आई विल हैंग यू। इससे संबधित कोई पुख्ता सबूत पेश न कर पाने की सूरत में मंत्री ने एसडीओ देवेंद्र मलिक और जेई कर्मबीर को सस्पेंड कर दिया।