पीएम मोदी की गुरदासपुर रैली
पीएम ने कहा, कांग्रेस सिर्फ झूठ और धोखाधड़ी की राजनीति कर रही है। दो दशक तक जो कांग्रेस किसानों के हित में स्वामीनाथन समिति की सिफारिश लागू करने का फैसला नहीं ले पाई, वो अब फिर झूठे वादों से किसानों की आंख में धूल झोंक रही है।
दस साल पहले 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी का एलान किया, लोगों ने जमकर वोट भी दे दिए। किसानों पर छह लाख करोड़ का कर्ज था, लेकिन माफी हुई सिर्फ 60 हजार करोड़ रुपये की। बाकी सारे किसान इंतजार करते रह गए।
आरोपियों को सज्जन बता दबाईं फाइलें
पीएम नरेंद्र मोदी ने 1984 के सिख कत्लेआम को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिनका इतिहास हजारों सिख भाई-बहनों को बेरहमी से कत्ल करने का हो, जो आज भी दंगों के अपराधियों को मुख्यमंत्री पद का पुरस्कार दे रहे हों। उनसे पंजाब समेत पूरे देशवासियों को सावधान रहना होगा।
पीएम मोदी की गुरदासपुर रैली
दिल्ली में जो कुछ हुआ, उसके अपराधी कांग्रेसियों को सजा मिले, यह पूरे देश की मांग थी। एक परिवार के इशारे पर आरोपियों को सज्जन बताकर फाइलें दबा दी गईं। एनडीए सरकार ने उन्हें बाहर निकाला। एसआईटी गठित की। नतीजा आपके सामने है।
पीएम ने ऐसे किया घेराव
- जिस कांग्रेस ने देश को ‘गरीबी हटाओ’ के नारे के साथ ठगा था, वो अब कर्ज माफी के नाम पर किसानों को ठग रही है।
- सिर्फ अपनी राजनीति के लिए कांग्रेस के नेताओं ने पाकिस्तान को (करतारपुर कॉरिडोर पर) बोलने का मौका दिया है। हैरानी यह है कि कांग्रेस नेताओं ने (नवजोत सिद्धू पर तंज) अपने मुख्यमंत्री तक की सलाह नहीं मानी।
पीएम ने किसानों के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर दिया जोर
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम अपने देश की कम बारिश वाले इलाकों में बेहतर और वैज्ञानिक ढंग से ड्रोन मैनेजमेंट पर काम कर सकते हैं। हमें सोचना होगा कि क्या हम हम देश में दशकों से चली आ रही मानवीय समस्याओं के समाधान के लिए टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
क्या प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी के क्षेत्र में और सुधार कर सकते हैं। सेंसर, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी खोज का पैकेज बनाकर हम किसानों के लिए कैसे बेहतरीन खोज कर सकते हैं, उस पर बल दिया जाना चाहिए।
एलपीयू में इंडियन साइंस कांग्रेस के दौरान उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा, आप बेहतर इलाज करने की तरीका साइंस एवं टेक्नोलॉजी में ढूंढ सकते हैं। पीने के पानी की समस्या से निपटने के लिए रिसाइकिल एवं कंजर्वेशन से जुड़ी नई तकनीक विकसित कर सकते हैं। यह बड़ी चुनौती हे कि क्या हम कोई ऐसा सिस्टम बना सकते हैं जिससे हमारे संवेदनशील संस्थानों को ऐसी साइबर सुरक्षा मिल सके कि उसे भेदना नामुमकिन हो जाए।
उन्होंने कहा, क्या हम सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे समाधान कर सकते हैं, जो बहुत ही कम कीमत पर गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए भी उपलब्ध हो सके। हमें दुनिया में लीडरशिप लेनी है और अपने संकल्पों को पूरा करके दिखाना है। हमें समय के अनुरूप समस्याओं का समाधान करने होंगे, वह भी समय सीमा के अंदर। 2018 भारत के विज्ञान के लिए बहुत ही अच्छा साल रहा।
मेडिसिन क्षेत्र में उपकरण सस्ते दामों में उपलब्ध कराने के लिए अच्छी पहल हुई है। हमें दुनिया में प्रतिस्पर्धा नहीं करनी है श्रेष्ठता दिखानी है। हमें देश को उस स्तर पर ले जाना है जिससे दुनिया भारत के पीछे चले। हमारा प्राचीन ज्ञान शोध पर ही आधारित रहा है। हमारे वैज्ञानिक ऐसी जीन थेरेपी की खोज कर रहे हैं जिससे खून में हिमोग्लोबिन में कम होने की समस्या समाप्त हो। देश की बड़ी आबादी एनीमिया यानी खून की कमी से जूझ रही है।
भारत के तीन अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान के जरिए 2022 में अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी चल रही है। इसरो ने इसके लिए विशेष टेक्नोलॉजी तैयार की है। हमने प्रधानमंत्री रिसर्च फेलो स्कीम शुरू की है। इससे रिसर्च स्कॉलर देश की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए रिसर्च की दिशा में बेहतर काम कर पाएंगे। हमारी भारत को एनर्जेटिक स्किल्ड यूथ देने की प्रतिबद्धता है।
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन ने देश में विज्ञान के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान का आम लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मिशन शुरू किए हैं। इससे करोड़ों भारतीयों को लाभ हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला, राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के अलावा उद्योग मंत्री शाम सुंदर भी मौजूद थे।