मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
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हरियाणा भाजपा ने निकाय चुनाव अकेले लड़ने का फैसला पलट दिया है। कांग्रेस के मैदान से हटने के बाद पार्टी भाजपा सरकार में सहयोगी जजपा के साथ मिलकर ही नगर परिषद चुनाव लड़ेगी। जजपा को टोहाना, नरवाना, मंडी डबवाली और नूंह नगर परिषद सौंपी हैं। नगरपालिकाओं में साथ चुनाव लड़ने का फैसला जिला इकाइयां करेंगी।
हरियाणा निवास में गुरुवार देर शाम दोनों दलों के बड़े नेताओं की बैठक में लिए फैसले की जानकारी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ और जजपा प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने दी। वरिष्ठ नेताओं ने विचार-विमर्श कर फैसला लिया कि 4 नगरपरिषद में जजपा और 14 में भाजपा चुनाव लड़ेगी।
पार्टी कार्यकर्ता गठबंधन प्रत्याशियों की जीत के लिए प्रचार करेंगे। जजपा अपने घोषित उम्मीदवारों से चर्चा कर जल्द दोबारा सूची जारी करेगी। भाजपा ने बीते दिनों हिसार में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में निकाय चुनाव अलग लड़ने का फैसला लिया था। उसके बाद जजपा ने भी अकेले चुनाव लड़ने की अपनी तैयारी में उम्मीदवारों की दो सूची भी जारी कर दी। भाजपा अभी तक अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है।
सीएम, तावड़े और रवींद्र राजू की चर्चा के बाद फैसला
गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल, ओपी धनखड़ की प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन महामंत्री रवींद्र राजू के साथ भी निकाय चुनाव को लेकर चर्चा हुई। कांग्रेस के नगर परिषद चुनाव सिंबल पर न लड़ने से मुख्य मुकाबला भाजपा-जजपा उम्मीदवारों के ही बीच होने पर भी गहन मंथन हुआ। वरिष्ठ नेताओं की चर्चा में यह निकला कि गठबंधन सहयोगियों के आमने-सामने होने का गलत संदेश जाएगा।
चूंकि, आप और इनेलो मुकाबले में नहीं हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों को भाजपा-जजपा के अलग-अलग लड़ने का फायदा हो सकता है, इसलिए नगर परिषद चुनाव मिलकर ही लड़ने चाहिए। इस पर भाजपा ने जजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संपर्क स्थापित कर देर शाम चंडीगढ़ में बैठक बुलाई और नगर परिषद का बंटवारा किया।