नतम साझा कार्यक्रम की पहली बैठक।
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हरियाणा के भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय करने का काम पांच सदस्यीय समिति ने शुरू कर दिया है। पांच सदस्यीय समिति की पहली बैठक शुक्रवार को हुई। समिति अध्यक्ष गृह मंत्री अनिल विज ने बैठक की अध्यक्षता की, इसमें भाजपा की ओर से शिक्षा मंत्री कंवर पाल व पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़, जजपा की ओर से राज्य रोजगार मंत्री अनूप धानक और पूर्व विधायक राजदीप फोगाट ने अपने-अपने विचार रखे।
वित्त विभाग की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद और मुख्य सचिव के प्रतिनिधि के तौर पर आईएएस नितिन यादव बैठक में उपस्थित रहे। समिति सदस्यों ने भाजपा-जजपा के संकल्प और जनसेवा पत्र पर विचार-विमर्श किया। समिति कार्यक्रम तय करने और उसे लागू कराने से पहले आर्थिक और कानूनी बाधाओं को दूर कर लेना चाहती है। इसलिए बैठक के दौरान समिति अध्यक्ष अनिल विज ने अधिकारियों को दोनों घोषणा पत्र में किए गए वादों के आर्थिक एवं कानूनी पहलुओं पर मंथन और मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की रिपोर्ट आने पर 15 दिन बाद दोबारा समिति की बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार भाजपा-जजपा के वादों को पूरा करने के लिए पचास हजार करोड़ से अधिक की जरूरत होगी। अनिल विज ने कहा कि दोनों पार्टियों के अनेक वादे मिलते-जुलते हैं, जिनमें से अनेक वादों को लागू करना भी शुरू कर दिया है।
इनमें शराब के ठेकों को गांव से बाहर करना व एचटेट परीक्षा संबंधी वादे लागू कर दिए गए हैं। नशे के कारोबार को हरियाणा की धरती से समाप्त करने के लिए राज्य में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चल रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। राज्य में नशे के कारोबार को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। खेमका के 53वें तबादले पर विज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रांसफर करना सीएम का विशेषाधिकार है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह 'विशाल हरियाणा' का मुद्दा उठाकर दोबारा प्रदेश का माहौल खराब करने में लगे हुए हैं।
बुढ़ापा पेंशन, किसान कर्ज माफी पर फंसा पेच
भाजपा-जजपा गठबंधन की पहली न्यूनतम साझा कार्यक्रम बैठक में मुख्य पेच किसानों की कर्ज माफी और 5100 रुपये बुढ़ापा पेंशन पर फंसा। समिति में दोनों अहम मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। जजपा के इन दोनों वादों पर सरकार की काफी राशि खर्च होनी है।