भारतीय जनता पार्टी ने कुलदीप बिश्नोई की दोस्ती को जी का जंजाल बताया है। हालांकि यह जुमला भाजपा ने गठबंधन टूटने के लंबे समय बाद प्रयोग किया है, लेकिन चुनाव प्रभारी कैलाश विजय वर्गीय ने यह कह कर हजकां की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया है।
विजयवर्गीय का कहना है कि कुलदीप बिश्नोई बड़े खानदान से हैं। लिहाजा उनका दिल और दिमाग भी उसी तरह से बड़ा होना चाहिए। लेकिन हमारे यहां मालवा में कहावत है कि नादान की दोस्ती जी का जंजाल, जो कि कुलदीप पर सही बैठती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समझौते देश को देखते हुए किए जाते हैं। हजकां भाजपा के समझौते में भी यही हुआ। उस समय भाजपा अलग पायदान पर थी, लेकिन आज की तारीख में हम अलग पायदान पर हैं।
कुलदीप बदल रही परिस्थतियों के मुताबिक तय नहीं कर सके। उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से डेढ़ घंटा बात हुई। जेपी नडडा के साथ बैठक हुई। जिसके बाद उन्होंने कहा कि वापिस आ कर जवाब देंगे, लेकिन हमें कुलदीप का जवाब प्रेेस कान्फ्रेंस के माध्यम से मिला। उन्होंने कहा कि कुलदीप चुनाव हार कर अपना असितत्व नहीं बचा सके। हमने सिर्फ शर्ते बदलने का प्रस्ताव रखा था। भाजपा की ओर से यह समझौता नहीं तोड़ा गया है।