चंडीगढ़। नगर निगम सदन की 337वीं बैठक शुक्रवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। दो घंटे तक एक भी एजेंडे पर चर्चा नहीं हो सकी। सदन की शुरुआत के साथ भाजपा पार्षदों ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा। पार्षदों ने कहा कि पंजाब सरकार उनकी रेकी करा रही है। अजनबी लोग उनके घरों के बाहर लगातार दिखाई दे रहे हैं। उन्हें फोन कर धमकी दी जा रही है कि पंजाब में उन पर फर्जी केस दायर किए जाएंगे। पार्षदों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम लेते हुए कहा कि वह अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्हें सदन में भी आने से डर लगने लगा है। उन्होंने मेयर से पूछा कि क्या अब उन्हें मारकर ही दम लेंगे। इस पर मेयर ने उन्हें किसी का नाम लेकर आरोप लगाने से रोका और कहा कि अगर रेकी और धमकी जैसी चीजें हो रही हैं तो वे उसकी शिकायत दर्ज कराएं, इसमें वे उनके साथ हैं। भाजपा पार्षद सौरभ जोशी और कंवरजीत राणा ने मेयर कुलदीप कुमार से कहा कि पंजाब सरकार
उनके
मोबाइल कॉल भी ट्रैप करवा रही है क्योंकि उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं मेयर भी दल बदल न कर लें। इससे पहले सदन की बैठक शुरू होते ही मेयर ने सौरभ जोशी से चार बार हाल-चाल पूछा। उन्होंने कहा कि सदन के सभी सदस्य उनके लिए सम्माननीय हैं। उन्होंने सदन की पिछली बैठक में मार्शलों की ओर से पार्षदों को बाहर किए जाने की घटना को अशोभनीय बताया और कहा कि इससे सदन की गरिमा पर प्रभाव पड़ता है इसलिए सभी को विकास के मुद्दे पर फोकस करना चाहिए विवाद का नहीं।
दो घंटे तक लगते रहे आरोप-प्रत्यारोप : इस दौरान सौरभ जोशी ने कहा कि मेयर के कहने पर ही मार्शल ने उनके साथ खींचातानी की। मेयर ने जवाबी हमले में कहा कि उन्होंने
भी बाहर देख लेने की धमकी दी थी। वहीं, मनोनीत पार्षदों की ओर से मत रखने पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्षदों ने उन्हें चुप रहने की बात कही। इस पर कंवरजीत राणा ने कहा कि अगर हम कुछ बोल ही नहीं सकते तो हमें सदन की बैठक में बुलाया ही न जाए। वहीं, बार-बार पंजाब सरकार पर आरोप लगाए जाने पर मेयर ने कहा कि पूरे देश में भाजपा की सरकार है फिर वह भी किसी का कुछ भी कर सकते हैं इसलिए किसी पर निराधार आरोप लगाना गलत है। वहीं, मार्शल वाली घटना को केंद्रित कर कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने 2022 में कपड़े तक फाड़े जाने की बात कही। इस पर भाजपा पार्षदों ने वीडियो की मांग कर जमकर हो-हल्ला मचाया।
रिश्वत के बयान पर हंगामा, गली क्रिकेट भी बना मुद्दा : बैठक के दौरान आप पार्षद जसबीर सिंह लाडी की ओर से जुलाई की पहली सदन की बैठक में अधिकारियों के रिश्वत लेकर काम बाधित करने की बात पर भी विपक्ष हावी नजर आया। भाजपा पार्षदों ने मिनट्स में शामिल बयान को बार-बार पढ़कर सुनाया और जसबीर सिंह से माफी मांगने का कहा। इस पर जसबीर सिंह ने कहा कि उनकी बात को मिनट्स में गलत तरह से लिखा गया है। इसी बीच आप पार्षद प्रेमलता ने गली क्रिकेट कार्यक्रम के पंफ्लेट दिखाकर विरोध जताया और कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर भी राजनीति की जा रही है। कार्यक्रम में शहर के प्रथम नागरिक और सांसद को स्थान नहीं दिया जाना अशोभनीय है। वहीं, आप व कांग्रेस के अन्य पार्षदों ने भी इसे गलत ठहराया।