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Chandigarh News: ट्राइसिटी में यूटी टेनेंसी एक्ट का विरोध...वकीलों का वर्क सस्पेंड

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चंडीगढ़। टेनेंसी एक्ट का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार से शुरू विरोध का सबसे ज्यादा असर शुक्रवार को देखने का मिला। ट्राइसिटी की पांच बार एसोसिएशनों ने जिला अदालत के वकीलों के समर्थन में नो वर्क डे रखा। बड़ी बात यह है कि वकील अपने साथ न्याय लिए विरोध कर रहे है। वहीं, दूसरी ओर वर्क सस्पेंड के चलते लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
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चंडीगढ़ जिला अदालत में पांच दिनों में करीब 12.5 हजार केस प्रभावित हो चुके हैं। इसमें सिविल, क्रिमिनल, रेंट एक्ट, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, प्रॉपर्टी विवाद, वैवाहिक विवाद, जमानत अर्जी, चेक बाउंस के मामले शामिल हैं। अधिकतर अदालतों में अगली तारीख लगा दी जा रही है। शुक्रवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट), ट्राइसिटी कंज्यूमर कोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन पंचकूला, जिला बार एसोसिएशन मोहाली, बार एसोसिएशन खरड़ व डेराबस्सी ने चंडीगढ़ जिला अदालत की ओर प्रस्तावित टेनेंसी एक्ट-2019 के विरोध में किए जा रहे वर्क सस्पेंड के समर्थन में नो वर्क डे रखा।
जनगणना के मुताबिक शहर में 47 प्रतिशत लोग किराएदार : साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार के शहर में किराएदारों की संख्या में 47 प्रतिशत है। इसके साथ लगभग 60 प्रतिशत कॉमर्शियल प्रॉपर्टी है। साल 2011 में यदि शहर में 47 प्रतिशत आबादी किराएदार थी तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान में यह आंकड़ा क्या होगा। जानकारी के अनुसार अदालत में रेंट के 1300 मामले पेंडिग है। वहीं, जिला अदालत में 4800 वकील रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 25 प्रतिशत वकील रेंट के मामलों में विशेषज्ञ हैं।
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