लोकसभा चुनावों का बिगुल बजने के बाद भी राजनीतिक दलों का गठबंधन करने का सिलसिला लगातार जारी है। पंजाब में भी भाजपा एवं शिरोमणि अकाली दल में गठबंधन को लेकर मंथन का दौर जारी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में गठबंधन पर मोहर लग सकती है। अभी लुधियाना जालंधर समेत कुछ सीटों पर पेंच फंसा है। लुधियाना लोकसभा सीट पर भाजपा ने मजबूती के साथ दावा किया है और लगता है कि यह सीट अब भाजपा के कोटे में आ जाएगी।
पहले गठबंधन के दौरान इस सीट पर शिअद के उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी, लेकिन गठबंधन की तस्वीर साफ होने तक पार्टी कार्यकर्ताओं में सुस्ती का आलम है और वे वेट एंड वाच की स्थिति में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि होली के बाद ही राजनीतिक पिच पर सरगर्मियां तेज होंगी।
पंजाब में लंबे वक्त तक अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन रहा लेकिन किसान आंदोलन के दौरान यह टूट गया। इसके बाद दोनों ही पार्टियों के रास्ते अलग अलग हो गए। इसके बाद भाजपा ने भी अपना आधार मजबूत करना शुरू किया और इसका परिणाम वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में देखने को मिला। हालांकि आम आदमी पार्टी की आंधी में लुधियाना विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का खाता नहीं खुला, लेकिन पार्टी ने नौ विधानसभा क्षेत्रों में से आठ पर अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे और पार्टी को कुल 1,54,385 वोट हासिल हुए थे, इसमें से शहर के छह विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को 1,37,108 वोट मिले थे। जबकि शहर में शिरोमणि अकाली दल को सिर्फ 68,478 वोट ही मिले थे।
हलका दक्षिण में भाजपा के सतिंदर पाल ताजपुरी को 16.76 प्रतिशत वोट मिले थे और वे दूसरे स्थान पर रहे थे। यहां पर शिअद के उम्मीदवार हीरा सिंह गाबड़िया को महज 10.66 प्रतिशत वोट ही मिले थे। इसी तरह लुधियाना सेंट्रल हलके में भाजपा के गुरदेव शर्मा देबी को 28.44 प्रतिशत एवं शिअद के प्रितपाल सिंह को 8.35 प्रतिशत वोट मिले थे।
लुधियाना उत्तरी में भाजपा के परवीन बांसल को 28.45 प्रतिशत एवं शिअद के आरडी शर्मा को 9.10 प्रतिशत वोट मिले थे। लुधियाना पश्चिम में भाजपा के बिक्रम सिद्धू को 23.95 प्रतिशत एवं शिअद के महेश इंद्र सिंह गरेवाल को 8.58 प्रतिशत ही वोट मिले थे।
लुधियाना लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले विधानसभा हलके
शहरी हलके
लुधियाना पूर्वी, लुधियाना पश्चिम, लुधियाना दक्षिण, लुधियाना उत्तरी, लुधियाना सेंट्रल, आत्मनगर
देहाती हलके
गिल, दाखा एवं जगराओं