भाजपा के प्रदेश प्रभारी आरती मेहरा मंगलवार शाम को चंडीगढ़ पहुंच गईं। उन्होंने यूटी गेस्ट हाउस में संजय टंडन के साथ बैठक की। जबकि हरमोहन धवन और सत्यपाल जैन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
बुधवार को पार्टी कार्यालय कमलम में आरती मेहरा प्रेसवार्ता कर पार्टी स्थिति से अवगत कराएंगी। इस दौरान सुबह उनसे हरमोहन धवन और सत्यपाल जैन के मिलने की संभावना है।
पार्टी से निकाले गए नेता और पद मुक्त किए गए नेताओं की वापसी पर ही सुबह फैसला हो सकता है। हलांकि निकाले गए और पदमुक्त नेताओं को शक है कि उन्हें पार्टी की धारा में वापस लिया जा सकता है।
आम आदमी पार्टी के बढ़ते कद पर भी अपनी राय आरती मेहरा रख सकती हैं। असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि प्रभारी यदि सही फैसला नहीं करेंगी तो वे स्वतंत्र होकर काम करेंगे। इसके बाद पार्टी की जो स्थिति होगी इसके लिए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी की जिम्मेवारी होगी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि संजय टंडन अपने फैसले पर अडिग हैं।
सदन के नेता बदलने के लिए पार्षदों ने लिखा पत्र
नगर निगम में भाजपा-अकाली के पार्षदों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर मांग की है कि सदन में पार्टी के नेता और उप नेता को बदला जाए।
जैसे मेयर का कार्यालय चंडीगढ़ नगर निगम में एक वर्ष का है, उसी तरह पर विपक्ष के नेता व उपनेता का कार्यालय का भी एक वर्ष का होना चाहिए, ताकि पार्टी के बाकी पार्षदों को भी नगर निगम के पांच साल के कार्यकाल के दौरान विपक्ष का नेता व उपनेता बनने का मौका मिले। सूत्रों के अनुसार यह पत्र पार्षदों द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लिखा गया है।
इसके अलावा पत्र भाजपा चंडीगढ़ की प्रभारी आरती मेहरा समेत चंडीगढ़ में भाजपा के तीनों वरिष्ठ नेताओं प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन व पूर्व सांसद सत्यपाल जैन को भेजा गया है। पत्र में तीन भाजपा पार्षदों जिसमें अरुण सूद, आशा जसवाल और हीरा नेगी को छोड़कर सभी भाजपा और अकाली पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।