पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह की भारतीय जनता पार्टी में एंट्री होते ही पार्टी की नजरें अब पूर्व फौजियों के वोट बैंक पर है।
पूर्व सेनाध्यक्ष चुनाव मैदान में अपने इलाके झुंझनू से उतरेंगे, लेकिन चुनावी गणित को देखते हुए भाजपा पूर्व फौैजियों के वोटों पर एकाधिकार करने के लिए उनका इस्तेमाल पंजाब, चंडीगढ़ या हरियाणा में चलाएगी।
पूर्व सेनाध्यक्ष सिंह की एंट्री के साथ ही भाजपा के स्थानीय चेहरे भी पूर्व फौजियों के बीच नजर आने लगे हैं। पंजाब कला भवन में पूर्व फौजियों की रविवार को एक कान्फ्रेंस हुई तो भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन कुछ देर के लिए यहां पहुंचे।
हालांकि वह आधे घंटे के भीतर ही यहां से निकल गए। लेकिन, वह जब तक यहां रहे तब तक पूर्व सैनिकों से ही बातचीत करते रहे।
उनको बताते रहे कि जनरल साहब ने नई दिल्ली में भाजपा ज्वाइन कर ली है और उनके संग चंडीगढ़ के दो पूर्व सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
पूर्व फौजी भी पूर्व सेनाध्यक्ष के भाजपा ज्वाइन करने से खुश हैं। उनका भी मानना है कि अब बदलाव की जरूरत है। पूर्व फौजियों ने कहा कि अब तक फौजियों के मुद्दों की किसी को फिक्र नहीं थी। चुनाव से ठीक पहले ‘वन रैंक वन पेंशन’ को लागू कर दिया गया। यह भी नहीं मालूम कि इस पर काम कौन सी सरकार करेगी।