कैथल/कलायत/ पूंडरी। भारतीय जनता पार्टी ने चिरप्रतिक्षित उम्मीदवार सूची शनिवार को जारी कर दी। पार्टी की ओर से सभी कयासों पर विराम लगाते हुए कैथल से शनिवार दोपहर को हजकां छोड़ भाजपा में शामिल नेता राव सुरेंद्र सिंह, कलायत से बीरेंद्र सिंह के दाएं हाथ धर्मपाल शर्मा एवं पूंडरी से पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष रणधीर गोलन को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया है।
ऐलान के साथ ही जहां इन नेताओं के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी तथा कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ खुशियां मनाईं। वहीं, टिकट की आस लगाए निवर्तमान मुख्य संसदीय सचिव सुल्तान सिंह जड़ौला सहित कई नेताओं को बड़ा झटका लगा है। इससे पूर्व पहली लिस्ट में पार्टी ने गुहला में कुलवंत बाजीगर को उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया था।
कैथल में अमरगढ़ गामड़ी स्थित राव सुरेंद्र सिंह के आवास पर उनके समर्थक एकत्रित हुए तथा जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने लड्डू बांटकर खुशियां मनाईं। देर रात राव सुरेंद्र सिंह अपने आवास पर पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
कलायत में भाजपा बीरेंद्र सिंह के सामने नतमस्तक
कलायत। देर सायं भाजपा की सूची जारी होते ही कलायत में रहस्यमय चुप्पी का आवरण फैल गया। कलायत से भाजपा ने बीरेंद्र सिंह के करीबी धर्मपाल शर्मा पर अपना दाव खेला है। धर्मपाल शर्मा 27 जुलाई को 36 वर्षों की सेवा के बाद कांग्रेस को अलविदा कहा था। वे 10 वर्षों तक जिला कैथल के कांग्रेस अध्यक्ष और पांच वर्ष तक प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य तथा उपभोक्ता फोरम हरियाणा के डायरेक्टर भी रहे थे। नौ मार्च 1956 को जन्मे शर्मा स्नातक स्तर तक शिक्षित हैं तथा कैथल में काफी नाम रखते हैं।
पिछले 40 साल से चौ. चौरेंद्र सिंह के सबसे नजदीक रहे धर्मपाल शर्मा ने गत 27 जुलाई को कलायत में आयोजित समान अधिकार रैली में कांग्रेस को छोड़ने की घोषणा की थी तथा दावा किया था कि वे कलायत हलका के गांव रहे कोयल के निवासी हैं। उस समय लोगों में यह सवाल उठा था कि गांव कोयल तो कभी भी कलायत हलका में था ही नहीं। बीरेंद्र सिंह के प्रति शर्मा की राजनीतिक दोस्ती उनके सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान से स्पष्ट हो जाती है, जब उन्होंने कहा कि उन्हाेंने पिछले दस वर्षों से बीरेंद्र सिंह के अलावा किसी मुख्यमंत्री या मंत्री का चेहरा तक नहीं देखा।
भूमिगत हो गए उम्मीदवार
शर्मा के नाम की घोषणा होते ही भाजपा के उम्मीदवार पद के दावेदारों ने अपने फोन बिजी कर लिए तथा गहरी मंत्रणा के लिए इकट्ठा हो गए। टिप्पणी के लिए कोई भी सामने नहीं आया। रविवार को दोपहर मध्यप्रदेश के सांसद बीएलओ की बैठक लेने वाले है तथा यह निश्चित है कि बैठक में सब कुछ ठीक नहीं होने वाला है। उधर, धर्मपाल शर्मा के कैथल स्थित आवास एवं कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।
पूंडरी में रणधीर गोलन
पूंडरी। भाजपा की ओर जारी 47 उम्मीदवारों की सूची में पूंडरी से रणधीर गोलन का नाम आने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है। उधर, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए सुल्तान सिंह जड़ौला को टिकट न मिलने से करारा झटका लगा। पूर्व मंत्री नरेंद्र शर्मा भी पूंडरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट के प्रबल दावेदारों में थे, लेकिन भाजपा ने अपने पुराने साथी और लंबे समय से पार्टी का झंडा थामने वाले रणधीर गोलन पर भरोसा जता कर साबित कर दिया है कि वह अपनों की पहचान करना जानती है।
रणधीर सिंह गोलन 2005 में भी भाजपा की सीट पर पूंडरी से चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन इस चुनाव में निर्दलीय विधायक दिनेश कौशिक ने उन्हें मात दी थी। रणधीर सिंह गोलन लंबे अर्से से पार्टी से जुड़े हुए है। वे जिला अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा पार्टी के तमाम आला नेताओं में उनकी छवि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता की हैं। एमए पास रणधीर गोलन का कहना है कि पार्टी ने उनकी निष्ठा को ध्यान में रखकर उन्हें टिकट दिया है और वे भी पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।