चंडीगढ़। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर झूठ और भ्रम फैलाकर सांविधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और बिना ठोस तथ्यों के उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।
सेक्टर-33 के कमलम में प्रेसवार्ता में मल्होत्रा ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया गया भ्रम चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद सामने आ गया है। उनके मुताबिक पत्र किसी चुनावी नीति या एसआईआर से संबंधित नहीं बल्कि एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक विषय था। इसे चुनाव आयोग की नीतिगत प्रक्रिया से जोड़ना तथ्यों को गलत संदर्भ में पेश करना है। उन्होंने कांग्रेस से तथ्य और आधिकारिक जानकारी के आधार पर बात रखने को कहा।
फॉर्म-6 पर मल्होत्रा ने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए इसकी निर्धारित व्यवस्था है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. धरिंदर तायल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एसआईआर प्रक्रिया और फॉर्म-6 से जुड़े प्रावधानों को सही ठहरा चुका है।
वहीं, चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में अवैध और बिना अनुमति बदलावों पर आयोग ने अब तक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को जोड़ने-हटाने की शक्ति आयोग ने अपने हाथ में ले ली है जिससे राज्यों की चुनावी संस्थाएं कमजोर हुई हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा न होता तो कांग्रेस को कम से कम दो-तिहाई बहुमत मिलता।प्रेसवार्ता में रवि रावत, गुरप्रीत ढिल्लों, राहुल शर्मा और नेहा अरोड़ा भी मौजूद रहे।