चंडीगढ़। शहर के व्यापारियों से करोड़ों के बिटक्वाइन घोटाले के मामले में दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड दुष्यंत सभ्रवाल की जमानत याचिका पर सोमवार को फैसला नहीं हो सका। अगली सुनवाई 28 अक्तूबर को होगी।
बीते 15 अक्तूबर को पुलिस ने जिला अदालत में अपना जवाब दाखिल किया था। इसमें पुलिस ने दुष्यंत सभ्रवाल को जमानत नहीं दिए जाने की अपील की थी। पुलिस ने कहा है कि आरोपी पिछले दो साल से फरार चल था। उसके खिलाफ चालान भी पेश नहीं हुआ है। जमानत मिलने पर आरोपी सुबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ कर सकता है।
बता दें कि बीते सितंबर महीने में दुष्यंत सभ्रवाल को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। दुष्यंत की ओर से पेश वकील सिद्धार्थ ने याचिका दायर कर दलील दी थी कि दुष्यंत को फंसाया गया है। दुष्यंत का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं है। अब तक की जांच सीआरपीसी की धाराओं के तहत नहीं की गई है।
गौरतलब है कि सेक्टर-49 निवासी गौरव की शिकायत पर साल 2018 में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि गौरव के जरिये शहर के कई बड़े उद्योगपतियों ने अपना पैसा दुष्यंत के पास इन्वेस्ट किया था। उन्हें कहा गया था कि डेढ़ साल बाद उन्हें तीन गुना ज्यादा रुपये मिलेंगे, लेकिन जब पैसे देने का समय आया तो बिटक्वाइन की कीमत बढ़ चुकी थी। आरोपी ने तय वायदे के मुताबिक जब पैसा नहीं दिया तो मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।