पंजाब और हरियाणा के लिए बड़ी खुशखबरी है। रोहतक से चौधरी बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए हैं। बतौर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने 1:41 मिनट पर शपथ ली।
वहीं दूसरी ओर पंजाब के होशियारपुर से सांसद विजय सांपला भी केंद्रीय मंत्री बन गए हैं। सांपला ने 2:15 बजे शपथ ली। ऐसा होते ही पंजाब और हरियाणा में खुशी की लहर दौड़ गई है। दोनों मंत्रियों के इलाके में जश्न का माहौल शुरू हो गया है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया। 21 मंत्री शामिल किए गए हैं। जिनमें से 4 कैबिनेट मंत्री, 3 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 14 राज्यमंत्री शामिल हैं। शिवसेना ने इस शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।
कई बार केंद्रीय मंत्री बनते-बनते रहे बीरेंद्र
चौधरी बीरेंद्र सिंह पूर्व राज्यसभा सदस्य हैं। बीरेंद्र सिंह के केंद्र में मंत्री बन जाने से हरियाणा के इस दिग्गज जाट नेता का केंद्र व हरियाणा की राजनीति में कद व प्रभाव बढ़ेगा। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस में रहते बीरेंद्र सिंह जहां कई बार मुख्यमंत्री बनते-बनते रहे गए। एक बार मनमोहन सिंह मंत्री मंडल में उन्हें मंत्री बनाए जाने की तैयारी हो गई थी, लेकिन समय आने पर उनका नाम नए मंत्रियों की सूची से कट गया था।
स्वयं बीरेंद्र सिंह भी यह मानते रहे हैं कि राजनीति में उनके साथ अनेक बार ऐसा हुआ है। बीरेंद्र सिंह इस साल विधानसभा चुनाव से पूर्व जींद में आयोजित अमित शाह की रैली में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को विधानसभा चुनाव में उचाना कलां से टिकट मिला।
इन चुनाव में प्रेमलता की जीत भी हुई। बीरेंद्र सिंह राज्यसभा सीट से पहले ही इस्तीफा दे चुके थे। हालांकि हरियाणा में भाजपा मंत्री मंडल के गठन बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता सिंह को मंत्री पद नहीं दिया गया, लेकिन बीरेंद्र सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय है।
कभी प्लंबर हुआ करते थे सांसद सांपला
पंजाब में दलित वोट बैंक पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रही भाजपा होशियारपुर से सांसद विजय सांपला को भी केंद्र में ओहदा देने वाली है। सांपला ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कैंडीडेट मोहिंदर सिंह केपी को हराया था। विजय सांपला केंद्र सरकार द्वारा विदेशी मामलों संबंधी स्थापित की गई स्थायी समिति के सदस्य भी हैं।
52 वर्षीय सांपला कभी प्लंबर हुआ करते थे, लेकिन उनके जीवन में एक मोड़ तब आया जब उन्होंने 1994 में भाजपा की सदस्यता दी। यहीं से उन्होंने राजनीति का पहला सफर शुरू किया। 1997 में पहली बार अपने पुश्तैनी गांव सूफी पिंड में सरपंच का चुनाव लड़ा। विजय सांपला ने अपने कैरियर की शुरुआत प्लंबर के रूप में की थी।
सांपला का राजनीतिक अखाड़ा जालंधर ही रहा है। सांपला ने लोकसभा का चुनाव पहली बार लड़ा और जीतने में सफल रहे। पारंपरिक रूप से होशियारपुर सीट पर भाजपा व कांग्रेस का ही कब्जा रहता था। इस बार कांग्रेस से यह सीट छीन कर विजय सांपला ने भाजपा की झोली में डाल दी है। 2009 के लोकसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस की संतोष चौधरी जीती थीं।