पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह।
- फोटो : फाइल फोटो
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि कानून को रद्द कराने की मांग को लेकर देशभर में चल रहे किसान आंदोलन में सरकार को आगे आकर किसानों की आशंकाओं को दूर करना चाहिए। यह मुद्दा सरकार व किसानों के बीच आपसी तालमेल से ही निकलेगा। वह सोमवार को छोटूराम मंच विचार समिति के धरने में शामिल होने पहुंचे थे।
छोटूराम मंच विचार समिति ने गोहाना की नई अनाज मंडी के बाहर गेट पर धरना दिया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 86 साल पहले छोटूराम ने ब्रिटिश सरकार के साथ खुले मंच पर लड़ाई लड़कर समर्थन मूल्य निर्धारित किया था। जिस पर किसानों को आज भी पूरा भरोसा है और यह भरोसा सरकार को भी कायम रखना होगा।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से देश का आर्थिक ही नहीं सामाजिक ताना बाना भी प्रभावित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं और आगे भी किसानों के साथ रहेंगे। इस दौरान सुरेंद्र रुखी, साहब सिंह, दलबीर रुखी, प्रदीप चहल, जितेंद्र मोर व मेहर सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
किसानों के लिए राहत सामग्री लेकर रवाना हुए ग्रामीण
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों के लिए गांव मिर्जापुर खेड़ी, बिचपड़ी व कोहला गांव के लोग डेढ़ दर्जन ट्रैक्टर-ट्राली में राहत सामग्री लेकर रवाना हुए। किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए महिलाएं भी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं। सर्व कर्मचारी संघ गोहाना के नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर ट्रैक्टर-ट्रालियों को रवाना किया। ग्रामीण किसानों के लिए आटा, चावल, दाल, दूध व लस्सी लेकर पहुंचे। इस दौरान धर्मपाल मलिक, सत्यवान नरवाल, ईश्वर, कृष्ण, संदीप, बिजेंद्र, कृष्णा, कविता व बबली समेत अन्य मौजूद रहे।